सोमवार, 3 जून 2013

Kursura Submarine, Kali temple, Ramakrishna mission Ashrama कुरसुरा पनडुब्बी, काली मन्दिर, रामाकृष्णा मिशन आश्रम,

EAST COAST TO WEST COAST-06                                                                   SANDEEP PANWAR
भीमली से विशाखापट्टनम लौटते समय हमने एक पनडुब्बी देखने की कोशिश की थी लेकिन जाते समय भी यह बन्द थी तो वापसी में भी हमें यह बन्द ही मिली। जहाँ इस सबमेरीन देखने के टिकट मिलते है वहाँ एक छोटे से बोर्ड़ पर नजर गयी, जिस पर लिखा था कि सोमवार को पनडुब्बी दर्शकों के लिये बन्द रहती है। अरे आज तो सोमवार ही तो है कल मंगलवार को पूरा दिन वोरा गुफ़ा व अरकू वैली देखने में लग जायेगा। इसलिये कल भी इसे देखने का मौका हाथ नहीं आने वाला। वैसे कल रात की बस पकड कर श्री शैल के लिये निकल जाना है अत: इस पनडुब्बी को देखने का मौका इस बार तो गया काम से। खैर कोई बात नहीं, यहाँ दुबारा आने के लिये कोई ना कोई तो बहाना चाहिए ना, इसलिये कुछ ना कुछ तो देखने से छूटना ही चाहिए। इसलिये यह पनडुब्बी हमसे रह गयी।


जब सबमेरीन नहीं देख पाये तो सामने नजदीक ही काली का मंदिर दिखायी दे रहा था। सोचा चलो उसे ही देख आते है। कार लेकर काली मन्दिर तक पहुँचे। शाम का समय था इसलिये समुन्द्र किनारे वाली सड़क पर रौनक बढ़ती ही जा रही थी। हमने काली के मन्दिर में दर्शन करने के लिये जूते बाहर ही उतार कर फ़ोटो लेने लगे तो एक आदमी जोर से चिल्लाया यहाँ फ़ोटो लेना मना है। नारायण जी सड़क पार खड़े होकर दूर से ही मन्दिर की फ़ोटो लेने में सफ़ल रहे। कैमरे में जूम नहीं होता तो मन्दिर के फ़ोटो सम्भव नहीं थे। उस आदमी का बस चलता तो वो हमें सड़क पार से भी मन्दिर के फ़ोटो लेने से रोक देता। मेरी मन्दिर में आस्था नाम मात्र की ही होती है मेरा मकसद सिर्फ़ मन्दिर की वास्तु कला देखने तक ही सीमित होता है।

काली मन्दिर से निपटकर आगे बढ़े। यहाँ से आगे जाते ही समुन्द्र किनारे वाली सड़क को अलविदा कहना पड़ा। सीधे हाथ मुड़ते ही रामाकृष्ण मिशन वालों का आश्रम दिखायी दिया। नारायण जी बोले चलो संदीप भाई इसे भी देखते है। ठीक है जी इसको ही क्यों छोड़ा। कार बाहर सड़क पर छोडकर रामाकृष्ण मन्दिर के अन्दर चल दिये। मन्दिर के भीतर जाते ही एक अलग ही शांति सुकून का अहसास होने लग गया। कुछ मिनट वहाँ रुकने के बाद, फ़ोटो-सोटो लेकर हमारी जोड़ी वहाँ से आगे बढ़ने लगी। दोपहर विशाखापट्टनम पहुँचते ही हम दोनों घूमने में जी जान से लगे पड़े थे। इसलिये अंधेरा होने पर घुमक्कड़ी में ठहराव आना लाजमी था। जब अंधेरे में कुछ देखना मुमकिन नहीं था, इसलिये घर की ओर लौट चले।

नाराय़ण जी बार-बार कुछ खाने पर जोर दे रहे थे। शाम होते-होते मुझे भी भूख लगने लगी थी इसलिये मैंने नारायण जी को कह दिया कि ठीक है नारायण जी कुछ बढिया सा दक्षिण भारतीय व्यंजन का स्वाद चखते है। नारायण जी घर लौटते समय अपनी बेटी की बेटी के लिये एक गुडिया लेनी चाह रहे थे इसलिये उन्होंने अपनी कार एक माल के अन्दर की ओर मोड़ दी। कार को पार्किंग में लगाकर हम माल की ऊपरी मंजिलों को पार करते हुए खाना-खाने वाली मंजिल पर जा पहुँचे। मेरी इच्छा तो साँभर-बड़ा खाने की रहती है। लेकिन गजब उस माल में साँभर-बड़ा नहीं मिल पाया, जिस कारण नारायण जी ने कहा आज आपको यहाँ का स्वादिष्ट प्याज का डोसा खिलाता हूँ। प्याज के डोसे का आदेश दिया गया जो कुछ ही देर में हाजिर भी हो गया था। डोसा बेहद ही स्वादिष्ट बना था, लेकिन साँभर की कमी डोसा समाप्त होने तक खलती रही। इसके बाद नारायण जी ने अपनी धेती के लिये एक प्यारी सी गुडिया ली और घर की ओर बढ़ चले। (क्रमश:)
विशाखापटनम-श्रीशैल-नान्देड़-बोम्बे-माथेरान यात्रा के आंध्रप्रदेश इलाके की यात्रा के क्रमवार लिंक नीचे दिये गये है।
15. महाराष्ट्र के एक गाँव में शादी की तैयारियाँ।
16. महाराष्ट्र की ग्रामीण शादी का आँखों देखा वर्णन।
17. महाराष्ट्र के एक गाँव के खेत-खलिहान की यात्रा।
18. महाराष्ट्र के गाँव में संतरे के बाग की यात्रा।
19. नान्देड़ का श्रीसचखन्ड़ गुरुद्धारा
20. नान्देड़ से बोम्बे/नेरल तक की रेल यात्रा।
21. नेरल से माथेरान तक छोटी रेल (जिसे टॉय ट्रेन भी कहते है) की यात्रा।
22. माथेरान का खन्ड़ाला व एलेक्जेन्ड़र पॉइन्ट।
23. माथेरान की खतरनाक वन ट्री हिल पहाड़ी पर चढ़ने का रोमांच।
24. माथेरान का पिसरनाथ मन्दिर व सेरलेक झील।
25. माथेरान का इको पॉइन्ट व वापसी यात्रा।
26. माथेरान से बोम्बे वाया वसई रोड़ मुम्बई लोकल की भीड़भरी यात्रा।
विशाखापटनम-श्रीशैल-नान्देड़-बोम्बे-माथेरान यात्रा के बोम्बे शहर की यात्रा के क्रमवार लिंक नीचे दिये गये है।
27. सिद्धी विनायक मन्दिर व हाजी अली की कब्र/दरगाह
28. महालक्ष्मी मन्दिर व धकलेश्वर मन्दिर, पाताली हनुमान।
29. मुम्बई का बाबुलनाथ मन्दिर
30. मुम्बई का सुन्दरतम हैंगिग गार्ड़न जिसे फ़िरोजशाह पार्क भी कहते है।
31. कमला नेहरु पार्क व बोम्बे की बस सेवा बेस्ट की सवारी
32. गिरगाँव चौपाटी, मरीन ड्राइव व नरीमन पॉइन्ट बीच
33. बोम्बे का महल जैसा रेलवे का छत्रपति शिवाजी टर्मिनल
34. बोम्बे का गेटवे ऑफ़ इन्डिया व ताज होटल।
35. मुम्बई लोकल ट्रेन की पूरी जानकारी सहित यात्रा।
36. बोम्बे से दिल्ली तक की यात्रा का वर्णन












3 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

घूमने और खाने से भरी पोस्ट।

Manu Tyagi ने कहा…

पनडुब्बी के अंदर जाने को मिलता है क्या ?

Jai Singh ने कहा…

हां जी

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