करसोग बस अड़ड़े से मूल माहूनाग जाने वाली सीधी बस सेवा उपलब्ध है। हमने इसी सेवा का उपयोग करते हुए, अपनी इस हिमाचल यात्रा के अंतिम दिन की यात्रा आगे जारी रखी। करसोग से चिन्दी होकर माहूनाग के लिये मार्ग बनाया गया है। मन्ड़ी-सुन्दरनगर से चिन्दी होकर हम कल रात ही करसोग आये थे। करसोग घाटी में हमारे काम के सिर्फ़ दो ही प्राचीन मन्दिर थे। करसोग के आसपास पहाड़ों के शीर्ष पर कुछ अन्य प्रसिद्ध मन्दिर भी है जैसे कमरुनाग व शिकारी देवी, इन दोनों तक पहुँचने के लिये ट्रेकिंग करनी पड़ती है। अगर बाइक साथ हो तो शिकारी देवी तक पहुँच सकते है। आज अभी जिस मन्दिर तक हम बस से जा रहे है वहाँ पहुँचने के लिये कोई समस्या नहीं है। हमारे साथ बैठे एक स्थानीय बन्दे ने हमें बताया कि यह चिन्दी होकर जाती है। बस जैसे-जैसे चिन्दी/चिन्ड़ी के नजदीक पहुँचती जा रही थी हमारे दिलों की धड़कन भी बढ़ती जा रही थी। आखिरकार जब हमारी वस चिन्दी पहुँची तो वहाँ से आसपास के नजारे देख तबियत खुश हो गयी।
MAHUNAG KARSOG लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
MAHUNAG KARSOG लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 1 मई 2013
Mahunag, Karsog मूल माहूनाग बखारी कोठी, करसोग
हिमाचल की कांगड़ा व करसोग घाटी की यात्रा 10 SANDEEP PANWAR
सदस्यता लें
संदेश (Atom)