UJJAIN-JABALPUR-AMARKANTAK-PURI-CHILKA-26 SANDEEP PANWAR
बस से उतरने के बाद मैंने सामने दिखायी दे रही सड़क की ओर चलना शुरु कर दिया। यह सड़क 200-300 बाद चिल्का झील किनारे जाकर समाप्त हो जाती है जहाँ यह सड़क समाप्त होती है ठीक वही से चिल्का के अन्दर बने टापुओं तक तक आने-जाने के एकमात्र साधान बडी व छोटी मोटर बोट चलनी आरम्भ होती है। जिस समय मैं किनारे पर पहुँचा था ठीक उसी समय बड़ी नाव चिल्का के किसी टापू पर जाने के लिये तैयार खड़ी थी मेरे नाव में चढ़ते ही नाव का सायरन बज गया। नाव वालों ने नाव का लंगर उठा दिया और नाव चिल्का झील में स्थित किसी टापू की सैर कराने के लिये रवाना हो गयी। नाव में चढ़ने से पहले ही मुझे बस में पास बैठी सवारियों से काफ़ी जानकारी मिल चुकी थी। बड़ी नाव में किसी टापू तक जाने का भाड़ा मात्र 6 रुपये ही था। जबकि जिस टापू तक हम जा रहे थे उसकी दूरी ही कम से कम 8 किमी के आसपास तो रही होगी। बड़ी नाव शुरु में तो थोड़ी धीमे-धीमे चली लेकिन उसके बाद नाव ने तेजी से चलते हुए अपनी यात्रा जारी रखी।
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वो दूर उस टापू पर जाना है? |