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रविवार, 29 दिसंबर 2013

Manali to Delhi & (lahaul spiti trip end) मनाली से दिल्ली आते ही लाहौल-स्पीति यात्रा समाप्त

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-24                                       SANDEEP PANWAR

मनाली से दिल्ली तक की कहानी भी रोमांचक से भरी हुई है। मेरे साथ एक बार फ़िर वह कहावत प्रमाणित हो गयी कि जाना था चीन पहुँच गये जापान। मनाली से चलते समय हिडिम्बा मन्दिर देखने की इच्छा थी लेकिन वह व्यास नदी के उस पार था। इसलिये उधर नहीं गये। बिजली महादेव पहुँचने की जल्दी थी अंत: मनाली से सीधे कुल्लू के लिये निकल लिये। मनु हमसे आगे निकल चुका था। अब हाइवे व्यास नदी के साथ एकदम सीधा था ढलान भी थी, मनु अपनी तरह अनुभवी बाइक चालक है। अत: अब मनु का मिलना मुमकिन नहीं लग रहा था। हम दोनों कुल्लू के नजदीक पहुँचते जा रहे थे। अब तक मेरा ध्यान सिर्फ़ बिजली महादेव जाने पर केन्द्रित था। लेकिन कहते है घुमक्कड़ कब अपनी योजना बदल ले कुछ अंदाजा लगाना मुश्किल है? राकेश को साथ बह रही व्यास नदी की लहरों में नहाने की धुन सवार हो गयी।



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