SANDEEP PANWAR
दोस्तों अब तक आपने मुझे अधिकतर मोटर बाइक की यात्रा करते हुए ही
देखा है, जबकि आप
यह भी जानते ही है कि मुझे अपनी सेहत बनाये रखने के लिये पैड़ल साईकिल चलाना सबसे
अच्छा लगता है मैं अपनी दैनिक यात्रा में मोटर बाइक का प्रयोग बहुत ही जरुरी कार्य
के लिये करता हूँ मेरी नीली परी को स्टार्ट किये कभी-कभी तो महीना भर से ज्यादा भी
हो जाता है। वैसे मैंने पैड़ल साईकिल से अब तक कुछ गुनी चुनी लम्बी यात्राएँ ही की
है जैसे दिल्ली से शाकुम्बरी माता (सहारनपुर से आगे), देहरादून के आसपास के सारे दर्शनीय स्थल भी मैंने
साईकल पर ही देख ड़ाले थे। लोनी से सोनीपत व लोनी से बहादुरगढ़ व लोनी से पालम
हवाई अडड़े तक साईकल यात्रा बहुत सालों पहले कर चुका हूँ। आज से कोई 20-22 साल पहले
एक बन्दे को आम साईकिल (बिना गियर) से भारत के पहाड़ी राज्यों के भ्रमण करते हुए एक अखबार से
जरिये पता लगा था। आजकल तो लोग साईकिल में भी गियर का लाभ उठाते है जबकि मेरी
पसन्द साधारण साईकिल ही है। कुछ दोस्त कहते है कि चलों संदीप भाई साईकिल से लम्बी
यात्रा करने चलते है। उन्हें मेरा जवाब होता है अभी साईकिल से यात्रा करने का समय
नहीं है क्योंकि साईकिल से यात्रा करने में खर्चा व समय ज्यादा लगता है मैं अभी इन
दोनों चीजों को बचाना चाहता हूँ। वैसे साईकिल से एक धमाकेदार चक्कर लगाने की इच्छा जरुर है,
लेकिन अभी नहीं? लेकिन कब? यह किसी को बताना भी नहीं है।
![]() |
फ़ोटो नेट की देन है। |