अंडमान व
निकोबार की इस यात्रा में अभी तक
आपने पोर्टब्लेयर का चिडिया टापू, डिगलीपुर में अंडमान की सबसे ऊँची चोटी सैडल पीक, अंग्रेजों की क्रूरता की
निशानी सेल्यूलर जेल, हैवलाक द्वीप के सुन्दर तट और खूबसूरत नील द्वीप भी देखा। इस यात्रा को शुरु से
पढना हो तो यहाँ माऊस से चटका लगाकर
सम्पूर्ण यात्रा वृतांत का आनन्द ले। इस लेख की
यात्रा दिनांक 28-06-2014 को की गयी थी
रोस
द्वीप, पोर्ट
ब्लेयर
ROSS ISLAND, PORT
BLAIR,
रोस
द्वीप कैसे पहुँचे
नील द्वीप से पोर्टब्लेयर आने वाला
समुन्द्री जहाज हमें लेकर पोर्टब्लेयर की उसी फोनिक्स जेट्टी (Phonix Bay) पर पहुँचा।
जहाँ से हम हैवलाक जाने के लिये फैरी में बैठे थे। रास द्वीप जाने के लिये सेलूलर
जेल के आगे से होकर जाना पडता है। रास द्वीप सेलुलर जेल के ठीक सामने है। एक आटो
वाले से अबरडीन जेट्टी की बात की। आटो वाला हमें अबरडीन जेट्टी छोड आया। अबरडीन
जेट्टी से रास द्वीप तक 800 मी की
समुन्द्र यात्रा नाव द्वारा की जाती है। यहाँ अबरडीन जेट्टी से जो नाव रास जेट्टी
जाती है। उन पर यात्रा करने के लिये सभी यात्रियों को एक फार्म में अपनी जानकारी
भरनी होती है। जेट्टी पर निजी व सरकारी दो तरह की नाव चलती है। जिस दिन हम रास
द्वीप गये थे। उस दिन सरकारी बोट नहीं चल रही थी। एक-एक घंटे के अंतराल पर नाव
चलती है। दो घंटे रास द्वीप में घूमने के लिये समय दिया जाता है। वापसी में उसी
नाव से अबरडीन जेट्टी आना होता है।