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आज के दिन हमारा कार्यक्रम देहरादून शहर में स्थित व पूरे भारत भर में मशहूर वन अनुसंधान संस्थान देखने जाने का बनाया हुआ था। इसे छोटे रुप में F.R.I. कहते है। जहाँ पर जाने के बाद मुझे कई बातों के बारे में पहली बार पता चला था। चलो.. आपको भी इसके बारे में बता ही देता हूँ। बबलू और संदीप (उस समय तक संदीप को संदीप के नाम से ही बोला जाता था आज की तरह जाट देवता कहकर नहीं पुकारा जाता था।) बीस साल में कुछ तो फ़र्क आना ही था। हाँ तो मैं आपको बता रहा था कि हम दोनों अगले दिन सुबह आठ बजे घर से F.R.I. देखने के लिये निकल पडे थे। वैसे F.R.I. के नाम से यह स्थान पूरे देहरादून में जाना जाता है पर शहर में बहुत कम ही लोग ऐसे होंगे जो इसके हिन्दी वाले बडे नाम से भी जानते होंगे। घर से निकल कर हम सबसे पहले सहारनपुर चौक पहुँचे, जहाँ से हमने एक ऑटो वही तीन पहिया वाला सवारी ढोने का कानूनी जुगाड, हमें सहारनपुर चौक से F.R.I. के पास तक के लिये मिल गया था। यहाँ चौक से टेडी-मेडी सडकों से होता हुआ, यह कानूनी जुगाड हमें F.R.I. के मुख्य गेट तक ले गया था। यहाँ हमने ऑटो छोड दिया व पैदल चल पडे।