ROOPKUND-TUNGNATH 16 SANDEEP PANWAR
कोटद्धार पार करने के बाद सिद्धबली नाम मशहूर
मन्दिर सड़क किनारे दिखायी दे गया। अगर मन्दिर सड़क से कुछ किमी हटकर होता तो शायद
हम वहाँ जाने की भी नहीं सोचते। लेकिन यहाँ तो मन्दिर सड़क के एकदम किनारे ही था बस
एक नदी का छॊटा सा/लम्बा सा पुल पार करना होता है। इस पुल को पार करते हुए हम
मन्दिर के ठीक सामने जा पहुँचे। वहाँ भीड़ के नाम पर मुश्किल से ही कोई दिखायी दे
रहा था। इसलिए भीड़ ना होना भी हमारे लिये सोने पे सुहागा वाली बात साबित हो गयी। भीड़ के कारण मैंने बहुत
सारे मन्दिर बाहर से ही देखे है। मध्यप्रदेश, व पुरी यात्रा के दौरान मैंने शराब
पीने वाले भैरव मन्दिर के दर्शन नहीं किये थे। बारी-बारी से मन्दिर के दर्शन कर
आये। पहले मैं गया था इसलिये मनु का कैमरा साथ ले गया था। ज्यादातर फ़ोटो मैंने ही
ले लिये थे। मेरे बाद मनु भी फ़टाफ़ट मन्दिर दर्शन कर वापिस आ गया।