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सोमवार, 9 दिसंबर 2013

Chitkul- India's last village छितकुल- भारत का अंतिम गाँव

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-07                          SANDEEP PANWAR


हमारा इरादा भारत के अंतिम गाँव छितकुल में नदी किनारे तक जाने का था। जहाँ तक हमारी बाइक जा सकती थी। मनु ने अपनी सूची में देखकर बताया कि छितकुल में 500 साल पुराना माथी देवी का मन्दिर भी है। माथी देवी मन्दिर से पहले बास्पा नदी किनारे पहुँचा जाये। नदी किनारे पहुँचकर कुछ मस्ती करने का मूड़ हो रहा था।। अपुन ठहरे मनमौजी, नदी किनारे बाइक ले जाने के लिये जिस खतरनाक पगड़न्ड़ी से होकर जाना पड़ा, उसमें एक जगह तीखी ढलान थी। तीखी ढलान वाली जगह पर छोटे-छोटे गोल-गोल वाले पत्थर बहुतायत में पड़े हुए थे। नदी की ओर जाते समय ढलान थी जिस कारण सावधानी से रुक-रुक उतर गये। यहाँ चढाई चढ़ते समय क्या होगा? यह सोच कर रोमांच पैदा हो रहा था। इस जगह चढते समय पंगा अवश्य होगा।


शनिवार, 7 दिसंबर 2013

Karcham to Chitkul via Sangla valley करछम- सांगला घाटी- छितकुल गाँव

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-06                             SANDEEP PANWAR


छितकुल व सांगला जाने के लिये करछम बान्ध पर बने पुल को पार करना होता है। पुल पार करते ही मार्ग T आकार में हो जाता है। सागला व छितकुल जाने के लिये पुल पार करते ही उल्टे हाथ मुड़ना होता है। हम उल्टे हाथ मुड़ते ही बान्ध के साथ-साथ चलते रहे। जहाँ बान्ध का पानी समाप्त होता है वहाँ एक पुल और आता है। यहाँ पुल से ठीक पहले लगे एक बोर्ड़ से बताया गया था कि सांगला जाने के लिये इस पुल को पार करना होगा। लेकिन उस पुल के पार मार्ग लगभग बन्द दिख रहा था। हम इसी उधेड़बुन में थे कि पुल पार किया जाये या नही, तभी एक बन्दा अपना बुलडोजर (जेसीबी) लेकर आ गया। हमने उससे सांगला जाने वाली सड़क के बारे में पूछा। उसने बताया कि कुछ महीने पहले तक इसी पुल को पार कर सीधे हाथ मुडकर सांगला जाते थे लेकिन कुछ महीने पहले यहाँ इस जगह से 300-400 मीटर आगे जाने पर भयंकर भूस्खलन हुआ था जिस कारण यह मार्ग अभी तक नहीं खुल पाया है।


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