EAST COAST TO WEST COAST-17 SANDEEP PANWAR

शाम का समय था कैमरा मेरी जेब में ही था सोचा चलो सूर्यास्त
के दो चार फ़ोटो ले लिये जाये। गाँव से खेत मुश्किल से एक किमी दूरी पर भी नहीं है जब
घर से निकले तो सूर्य देवता आसमान में काफ़ी ऊपर लटके हुए अपनी सेब जैसी लाली बिखेर
रहे थे। लेकिन पता नहीं क्या नाराजगी थी कि दो-तीन मिनट में हम खेत में पहुँच ही गये
थे लेकिन सूर्य महाराज कहाँ गायब हो गये, आसमान से गिरकर कही नीचे खेतों में घुस चुके
थे। मजबूरन उसी हालत में एक फ़ोटो लेकर अपना काम चलाना पड़ा। खेत में बाबूराव की गाय-भैसे
बंधी रहती है गाँव के नजदीक खेत होने का लाभ खेत में ही पालतु पशु बाँध कर लिया जा
रहा है। जब तक बाबू राव के छोटे भाई ने गाय व भैंस का दूध निकाला तब तक मैंने आसपास
घूमते हुए फ़ोटो लेने जारी रखे। खेत में जहाँ पालतु पशु बंधे हुए थे उनके ठीक ऊपर इमली
का एक विशाल पेड़ था जिसमें बहुत सारी इमली लटकी पड़ी थी। महाराष्ट्र में इमली के बडे-बड़े
पेड़ जगह-जगह दिखाई देते रहते है। इमली के पेड़ के फ़ोटो लेकर आगे बढ़ा।
