EAST COAST TO WEST COAST-19 SANDEEP PANWAR
नान्देड़ निवासी मदन वाघमारे (मैं उन्हे बाघमारे
ही कहकर बुलाता हूँ) अपनी बाइक पर मुझे लेकर पहले अपने ठिकाने पर पहुँचे, यहाँ इनका
कार्यस्थल उसी फ़्लाईओवर के किनारे है जो फ़्लाईओवर नान्देड़ बस अड़ड़े के ऊपर से होकर गुरुद्धारे
की ओर जाता है। इनकी कार्यस्थली में जाते ही वहाँ की गर्मी से कुछ देर के लिये राहत
मिली, क्योंकि उन्होंने वातानुकूलित यंत्र चलाया हुआ था। पानी
पीने के उपराँत अपना बैग वही छोड़कर मैं एक बार मदन की बाइक पर सवार हो गया। बस अड़ड़े
से सचखन्ड़ गुरुद्धारा मुश्किल से एक सवा किमी के बीच ही है इसलिये हमें वहाँ पहुँचने
में तीन-चार मिनट ही लगें होंगे। गुरुद्धारे पहुँचने से पहले हम गुरु गोविन्द सिंह
अस्पताल के बाहर से होकर गये थे। यहाँ अस्पताल के पास एक चौराहे से सीधे हाथ मुड़ते
ही अस्पताल आया था। सड़कों पर गुरुद्धारे का मार्ग बताने के लिये मार्गदर्शक निशान बनाये
गये है। सड़क पर लगाये गये दिशा सूचक बोर्ड़ से बाहर से आने वाली जनता को बहुत लाभ होता
है बार-बार स्थानीय बन्दों से पता करने का झंझट ही नहीं रहता है।