अंडमान
और निकोबार द्वीप समूह की इस यात्रा में हम डिगलीपुर जाते हुए बाराटाँग उतरकर चूने
की गुफा देखने के बाद रंगत की ओर चल दिये। अभी तक हमने मरीना पार्क, चिडिया टापू
जैसे स्थल देख चुके है। आदिमानव युग के कुछ मानव अभी भी धरती पर निवास करते है।
उनका जारवा क्षेत्र होते हुए यहाँ बाराटाँग तक आये है। अब उससे आगे रंगत के
समुन्द्र तट की यात्रा, यदि आप इस यात्रा को शुरु से पढना चाहते हो तो यहाँ चटका लगाये और आनन्द ले। यह यात्रा दिनांक 21-06-2014 को की गयी थी।
अंडमान निकोबार- धनीनाला बीच के मैंग्रोव वन में भारत का सबसे
लम्बा लकडी वाला पैदल पथ और उस पर हमारी पद यात्रा DHANI NALA - LONGEST BENCH WALK OF MANGROVE BEACH IN INDIA
लाइम स्टोन गुफा, चूने की गुफा से वापिस लौटकर
बाराटाँग अंडमान ग्रांट ट्रंक मार्ग पर पहुँचे। किनारे पहुँचकर आगे रंगत जाने वाली
अगली बस की जानकारी मिल गयी। आगे जाने वाली अगली बस करीब एक घन्टे बाद आयेगी। गुफा
तक आने-जाने में हमें दो घन्टे लगे। जारवा लोगों के इलाके वाला बैरियर तीन घन्टे
बाद ही खुलता है। वहाँ से 3 घन्टे बाद आने वाली बस पानी के जहाज में चढ कर
इस पार आ रही है। अब हम आगे रंगत की ओर जायेंगे। हमें आज की रात रंगत से करीब 18 किमी आगे एक होटल HOW BILL NEST में रुकना है। आज हमारी बुकिंग वही पर है। रात
को वहाँ रुकेंगे। इस पार आने वाली पहली बस में घुसकर बैठने की जगह देखने लगे। तीन
बस आयी लेकिन तीनों में बैठने की जगह न मिली। उधेडबुन में दो बस निकल गयी। तीसरी
बस भी जाने को तैयार थी। फटाफट फैसला हुआ कि जाना तो पडेगा ही, यहाँ खडे रहे तो
रात यही हो जायेगी, इसके बाद अगली बस कल सुबह आयेगी। इसलिये खडे-खडे आगे की यात्रा
शुरु की।