आज कोई पोस्ट नहीं लिख रहा हूँ आपको कुछ बात बता रहा हूँ जिसे जानने पर आपको लगेगा कि ये मेरी पसंद की बात क्यों है?
मैंने सोचा कि आप सब के साथ यह खुशी बाँटनी चाहिए।
पहली बात यह है कि उस वेबसाइट का जो अपने आप में अपने क्षेत्र में एक विशेषज्ञ वेबसाइट की हैसियत रखती है, जिसने मुझे अपनी वेबसाइट में लिखने की छूट प्रदान कर दी है। यानि अब मैं वहाँ का मान्यता प्राप्त लेखक बन गया हूँ। वहाँ पर अभी तक 300 लेखक है जिनमें से Top 10 में सबसे ऊपर मेरा स्थान भी आता है।
दूसरी बात भी उसी वेबसाइट का ही है जिसमें मुझे दो और बन्दों (एक बन्दा+एक बन्दी) के साथ वर्ष 2011 का सबसे रोमांचक घुमक्कड चुना गया है।
मैंने सोचा कि आप सब के साथ यह खुशी बाँटनी चाहिए।
उपरोक्त दोनों सम्मान मुझे मिले इसमें नीरज जाट जी का मुख्य रोल है जिनकी वजह से मैं इन्टरनेट पर लिखने लगा।
बीते 13 दिन से कोई लेख नहीं लिख पाया क्योंकि मेरे मामा जी (49 वर्ष) का देहांत हो गया था।
बीते 13 दिन से कोई लेख नहीं लिख पाया क्योंकि मेरे मामा जी (49 वर्ष) का देहांत हो गया था।
अब मैं सोच रहा हूँ कि मैं ब्लॉग पर लिखने की बजाय सिर्फ़ उस वेबसाइट पर ही लिखा करूँ, ब्लॉग मेरा सफ़र शुरु होने की पहली मंजिल थी। मुझे सलाह दीजिए कि मुझे क्या करना चाहिए, हो सकता है कि आपकी कोई सलाह मेरे बहुत काम आ जाये।
जो आपके मन में हो कह देना, मैंने कोई माडरेशन नहीं लगाया हुआ है।
मेरा आखिरी फ़ैसला यह हुआ है कि इस साल के आखिरी तक मैं दोनों जगह लिखूँगा, इसके बाद नये साल से मैं सिर्फ़ अपने ब्लॉग पर ही लिखा करूँगा।
मेरा आखिरी फ़ैसला यह हुआ है कि इस साल के आखिरी तक मैं दोनों जगह लिखूँगा, इसके बाद नये साल से मैं सिर्फ़ अपने ब्लॉग पर ही लिखा करूँगा।