KHAJURAHO-ORCHA-JHANSI-11
इस यात्रा के सभी लेख के लिंक यहाँ है।01-दिल्ली से खजुराहो तक की यात्रा का वर्णन
02-खजुराहो के पश्चिमी समूह के विवादास्पद (sexy) मन्दिर समूह के दर्शन
03-खजुराहो के चतुर्भुज व दूल्हा देव मन्दिर की सैर।
04-खजुराहो के जैन समूह मन्दिर परिसर में पार्श्वनाथ, आदिनाथ मन्दिर के दर्शन।
05-खजुराहो के वामन व ज्वारी मन्दिर
06-खजुराहो से ओरछा तक सवारी रेलगाडी की मजेदार यात्रा।
07-ओरछा-किले में लाईट व साऊंड शो के यादगार पल
08-ओरछा के प्राचीन दरवाजे व बेतवा का कंचना घाट
09-ओरछा का चतुर्भुज मन्दिर व राजा राम मन्दिर
10- ओरछा का जहाँगीर महल मुगल व बुन्देल दोस्ती की निशानी
11- ओरछा राय प्रवीण महल व झांसी किले की ओर प्रस्थान
12- झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का झांसी का किला।
13- झांसी से दिल्ली आते समय प्लेटफ़ार्म पर जोरदार विवाद
इस यात्रा के सभी लेख के लिंक यहाँ है।01-दिल्ली से खजुराहो तक की यात्रा का वर्णन
02-खजुराहो के पश्चिमी समूह के विवादास्पद (sexy) मन्दिर समूह के दर्शन
03-खजुराहो के चतुर्भुज व दूल्हा देव मन्दिर की सैर।
04-खजुराहो के जैन समूह मन्दिर परिसर में पार्श्वनाथ, आदिनाथ मन्दिर के दर्शन।
05-खजुराहो के वामन व ज्वारी मन्दिर
06-खजुराहो से ओरछा तक सवारी रेलगाडी की मजेदार यात्रा।
07-ओरछा-किले में लाईट व साऊंड शो के यादगार पल
08-ओरछा के प्राचीन दरवाजे व बेतवा का कंचना घाट
09-ओरछा का चतुर्भुज मन्दिर व राजा राम मन्दिर
10- ओरछा का जहाँगीर महल मुगल व बुन्देल दोस्ती की निशानी
11- ओरछा राय प्रवीण महल व झांसी किले की ओर प्रस्थान
12- झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का झांसी का किला।
13- झांसी से दिल्ली आते समय प्लेटफ़ार्म पर जोरदार विवाद
आज के लेख
में दिनांक 28-04-2014 को की गयी यात्रा
के बारे में बताया जा रहा है। यदि आपको इस यात्रा के बारे में शुरु से पढना है तो
ऊपर दिये गये लिंक पर क्लिक करे। इस यात्रा में अभी तक आपने पढा कि खजुराहो के बाद
ओरछा यात्रा में जहाँगीर महल देखने के बाद आगे चल दिये। बाहर आते ही रेल वाला
अमेरिकी पेट्रिक मिला। हमारा फ़ोटो लेने के बाद वह जहाँगीर महल के अन्दर चला गया।
हम राय प्रवीन देखने चल दिये। राय प्रवीण महल की कहानी भी काफ़ी मजेदार है। बुन्देल
राज्य की सबसे होनहार गायिका, नृतिका व गीतकार का दर्जा इसी प्रवीण राय को प्राप्त
था। राय प्रवीण की यही प्रसिद्दी इसकी मुसीबतों का कारण भी बन गयी। इनकी चर्चा
मुगल बादशाह के कानों में भी पहुँची तो मुगल बादशाह ने ओरछा के राजा से कहा कि राय
प्रवीण हमारे दरबार की शोभा बढायेगी। आखिरकार मुगल बादशाह ने राय प्रवीण को आगरा
बुलवा लिया। यह गायिका राय प्रवीण भी पहुँची हुई चीज थी।