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सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

Mattan- Martand Sun Temple मट्टन- मार्तण्ड़ सूर्य मन्दिर

श्रीनगर सपरिवार यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये गये है।
01- दिल्ली से श्रीनगर तक की हवाई यात्रा का वर्णन।
02- श्रीनगर की ड़ल झील में हाऊस बोट में विश्राम किया गया।
03- श्रीनगर के पर्वत पर शंकराचार्य मन्दिर (तख्त ए सुलेमान) 
04- श्रीनगर का चश्माशाही जल धारा बगीचा
05- श्रीनगर का मुगल गार्ड़न-निशात बाग
06- श्रीनगर का मुगल गार्ड़न-शालीमार बाग
07- श्रीनगर हजरतबल दरगाह (पैगम्बर मोहम्मद का एक बाल सुरक्षित है।)
08- श्रीनगर की ड़ल झील में शिकारा राइड़ /सैर
09- अवन्तीपोरा स्थित अवन्ती स्वामी मन्दिर के अवशेष
10- मट्टन- मार्तण्ड़ सूर्य मन्दिर  व ग्रीन टनल
11- पहलगाम की सुन्दर घाटी
12- कश्मीर घाटी में बर्फ़ीली वादियों में चलने वाली ट्रेन की यात्रा, (11 किमी लम्बी सुरंग)
13- श्रीनगर से दिल्ली हवाई यात्रा के साथ यह यात्रा समाप्त

SRINGAR FAMILY TOUR- 10
दिनांक 03-01-2014 की घुमक्कड़ी की चर्चा हो रही है। आज सबसे पहले अवन्तीपोरा मन्दिर के अवशेष देखे। इसके बाद फ़िर से अपनी कार में बैठकर आज की मंजिल पहलगाम की ओर चल दिये। अवन्तीपोरा से कुछ आगे जाते ही सड़के के दोनों किनारे पर पेड़ ही पेड़ दिखाई देने लगे। सड़क के किनारे ग्रीन टनल का बोर्ड़ भी लगा देखा। ठन्ड़ के मौसम में चारों और बर्फ़ ही बर्फ़ दिखाई दे रही थी। हरियाली कही नहीं मिली। पेडों पर एक भी पत्ता नहीं बचा था। पेडों के बीच से निकलती सड़क से गुजरते हुए ऐसा अहसास हो रहा था जैसे हम किसी सुरंग से निकल रहे हो। इसका पेडों की सुरंग का नाम ट्री टनल होना चाहिए था क्योंकि इसका नाम “ग्रीन टनल” पूरे वर्ष अपने नाम के अनुसार जम नहीं पाता है। 


मंगलवार, 3 दिसंबर 2013

Sun temple and Dattatreya temple नीरथ का सूर्य मन्दिर व दत्तात्रेय मन्दिर

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-03                        SANDEEP PANWAR

मनु इस यात्रा में देखने लायक स्थलों की सूची बनाकर लाया था। आज की यात्रा में सबसे पहले रामपुर से मात्र 10-12 किमी पहले नीरथ नामक गाँव में एक प्राचीन सूर्य मन्दिर देखने की बात हुई थी। श्रीखन्ड़ यात्रा में हमने यह मन्दिर देखा ही नहीं था। मन्दिर सड़क के किनारे ही है इसलिये इसके दर्शन करके ही आगे जायेंगे। यहाँ इतना प्राचीन सूर्य मन्दिर होगा, इसका हमें पता ही नहीं था। भला हो मनु का, जिसने यहाँ के बारे में जानकारी जुटायी थी। सूर्य मन्दिर के बारे में सड़क किनारे भी कोई बोर्ड़ नहीं लगाया हुआ है जिसे पढकर ही कोई पर्यटक सूर्य मन्दिर देखने आ जाये।


बुधवार, 11 सितंबर 2013

Konark Sun Temple (Sexy Temple) कोणार्क का सूर्य मन्दिर या सेक्स मन्दिर

UJJAIN-JABALPUR-AMARKANTAK-PURI-CHILKA-27         SANDEEP PANWAR 
भगवान सूर्य को समर्पित कोणार्क का सूर्य मन्दिर देखने की प्रबल इच्छा बीते कई सालों से थी लेकिन भारत में इतने ज्यादा दर्शनीय स्थल है कि लगता है कि इस जीवन में सभी देखने मुमकिन नहीं हो पायेंगे? पुरी से कोणार्क के लिये सीधी बस हर आधे घन्टे पर मिलती रहती है। यदि किसी को भुवनेश्वर से कोणार्क का सूर्य मन्दिर देखने जाना हो तो उसे पुरी जाने की आवश्यकता ही नहीं है क्योंकि कोणार्क पुरी से लगभग 35 किमी हट कर बना हुआ है जब तक आप पुरी जाओगे तब तक कोणार्क पहुँच जाओगे, इस तरह पुरी से कोणार्क जाने वाला समय बच जाता है। मुझे चिल्का देखते हुए पुरी भी जाना था इसलिये मैं पहले चिल्का झील देखने गया उसके बाद पुरी लौटा था पुरी से बस पकड़ी और कोणार्क जा पहुँचा था। बसे कोणार्क मन्दिर से लगभग आधा किमी दूरी से होकर निकलती है। कोणार्क का बस स्टैन्ड़ तो मन्दिर से लगभग एक किमी दूरी पर बना हुआ है। जब मैं कोणार्क पहुँचा तो शाम के 5 बजने वाले थे। मन्दिर बन्द होने का समय शाम सूर्यास्त का था। लेकिन अंधेरा होने से कुछ दिखायी नहीं देने वाला था।


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