UJJAIN-JABALPUR-AMARKANTAK-PURI-CHILKA-27 SANDEEP PANWAR
भगवान सूर्य को समर्पित कोणार्क का सूर्य मन्दिर देखने की प्रबल इच्छा बीते कई सालों से थी लेकिन भारत में इतने ज्यादा दर्शनीय स्थल है कि लगता है कि इस जीवन में सभी देखने मुमकिन नहीं हो पायेंगे? पुरी से कोणार्क के लिये सीधी बस हर आधे घन्टे पर मिलती रहती है। यदि किसी को भुवनेश्वर से कोणार्क का सूर्य मन्दिर देखने जाना हो तो उसे पुरी जाने की आवश्यकता ही नहीं है क्योंकि कोणार्क पुरी से लगभग 35 किमी हट कर बना हुआ है जब तक आप पुरी जाओगे तब तक कोणार्क पहुँच जाओगे, इस तरह पुरी से कोणार्क जाने वाला समय बच जाता है। मुझे चिल्का देखते हुए पुरी भी जाना था इसलिये मैं पहले चिल्का झील देखने गया उसके बाद पुरी लौटा था पुरी से बस पकड़ी और कोणार्क जा पहुँचा था। बसे कोणार्क मन्दिर से लगभग आधा किमी दूरी से होकर निकलती है। कोणार्क का बस स्टैन्ड़ तो मन्दिर से लगभग एक किमी दूरी पर बना हुआ है। जब मैं कोणार्क पहुँचा तो शाम के 5 बजने वाले थे। मन्दिर बन्द होने का समय शाम सूर्यास्त का था। लेकिन अंधेरा होने से कुछ दिखायी नहीं देने वाला था।