गोवा यात्रा-22
दोनों गिरजाघर सड़क के दोनों ओर बने हुए है। पहले वाला चर्च लाल रंग का था, देखने में भी किसी किले जैसा लग रहा था। किले को देखकर बाहर निकलते ही सड़क पार दूसरी ओर सफ़ेद रंग की एक विशाल इमारत दिखायी दे रही थी। अगर सड़क किनारे वाले बोर्ड़ पर लिखा ना होता कि यह एक चर्च है तो मैं भी इसे चर्च ना मानता। दूर से देखने में यह कोई बंग्ला होने का आभास देता था। दूसरे चर्च के बाहर एक बहुत बड़ा मैदान था। मैदान में शानदार बगीचा था। हमारे पास ज्यादा समय नहीं था। इसलिये हम इन बगीचे में नहीं घुसे थे। हमारा निशाना सामने दिखाई दे रहे चर्च व संग्रहालय थे। हमने पहले तो संग्रहालय देखने का का इरादा किया, जैसे ही हम टिकट लेने के लिये लाईन की ओर बढ़े तो देखा कि वहाँ तो बहुत लम्बी लाइन लगी थी। पहले लाइन में लगकर समय खराब होता, उसके बाद अन्दर जाकर संग्रहालय देखने में भी आधा घन्टा लगना तय था।
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नाम इस बोर्ड़ से पढ़ लेना। |
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सड़क के इस पार से उस पार का फ़ोटो |