ROOPKUND-TUNGNATH 12 SANDEEP PANWAR
तुंगनाथ मन्दिर के बराबर से ही एक छोटी सी पगड़न्ड़ी वाला मार्ग ऊपर चन्द्रशिला
की ओर जाता है। तुंगनाथ मन्दिर तो हमने देख लिया था लेकिन इस इलाके की सर्वाधिक
ऊँची चोटी (4000 मीटर) चन्द्रशिला अभी हमसे 1.5 किमी ऊँचाई वाली दूरी पर थी। यह छोटी सी
दूरी तय करने में ही जोरदार चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। तुंगनाथ केदार से 200 मीटर आगे
जाने पर मार्ग Y आकार में बदल जाता है। यह तो हमारा अंदाजा था कि यहाँ हमें उल्टे हाथ ऊपर की
ओर ही चढ़ना था लेकिन दूसरा मार्ग कहाँ जा रहा है? अगर दूसरे
मार्ग के बारे में भी पता लग जाये तो सोने पे सुहागा रहेगा। दूसरे मार्ग पर कुछ
मीटर चलते ही हमारे होश गुम होने वाली बात आ गयी। जी हाँ, यह कच्चा मार्ग तेजी से
नीचे की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा था। इस पर एक छोटा सा बोर्ड़ लगा हुआ मिला जिस
पर लिखा था कि यह मार्ग गोपेश्वर की ओर जाता है। पहाडों में पैदल पगड़ंड़ी कही की
कही जा निकलती है, क्या पता, यह किस मार्ग से होकर गोपेश्वर जाती है? लेकिन जहाँ
तक हमारा अंदाजा है कि यह मार्ग मंड़ल-चोपता मार्ग पर बीच में कही जाकर मिलता है।