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सोमवार, 24 मार्च 2014

Bhartari cave and Samadhi temple राजा भृतहरि गुफ़ा व समाधी मन्दिर

भानगढ-सरिस्का-पान्डुपोल-यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये गये है।
01- दिल्ली से अजबगढ होते हुए भानगढ तक की यात्रा।
02- भानगढ में भूतों के किले की रहस्मयी दुनिया का सचित्र विवरण
03- राजस्थान का लघु खजुराहो-सरिस्का का नीलकंठ महादेव मन्दिर
04- सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण में जंगली जानवरों के मध्य की गयी यात्रा।
05- सरिस्का नेशनल पार्क में हनुमान व भीम की मिलन स्थली पाण्डु पोल
06- राजा भृतहरि समाधी मन्दिर व गुफ़ा राजा की पूरी कहानी विवरण सहित
07- नटनी का बारा, उलाहेडी गाँव के खण्डहर व पहाडी की चढाई
08- नीमराणा की 12 मंजिल गहरी ऐतिहासिक बावली दर्शन के साथ यात्रा समाप्त

BHANGARH-SARISKA-PANDUPOL-NEEMRANA-06                           SANDEEP PANWAR

भानगढ-सरिस्का-पाण्डुपोल देखने के बाद अब महाराजा वीर विक्रमादित्य के बडे भाई राजा भृतहरि उर्फ़ भरथरी की तपस्या स्थली के दर्शन करने चलते है। विक्रम ने ही विक्रम संवत का शुभारभ कराया था। जहाँ अंग्रेजी नव वर्ष 1 जनवरी को शुरु होता है तो वही विक्रम संवत बोले तो हिन्दू नव वर्ष चैत्र मास के नवरात्र के साथ आरम्भ होता है। मैंने उज्जैन में इन्ही राजा की एक तपस्या स्थली देखी थी। आज अलवर जिले में स्थित इनकी दूसरी तपस्या स्थली की बात हो रही है।



बुधवार, 14 अगस्त 2013

Raja Bharat Hari Cave-Ujjain राजा भृतहरि गुफ़ा-उज्जैन

UJJAIN-JABALPUR-AMARKANTAK-PURI-CHILKA-07                              SANDEEP PANWAR
उज्जैन में महाकाल, विक्रमादित्य टेकरी, हरसिद्धी शक्तिपीठ व चार धाम मन्दिर देखने के बाद हम एक वैन नुमा वाहन में सवार हो गये। इस वाहन ने हमें रेलवे लाईन पर बने हुए पुल के नीचे से निकालते हुए आगे की यात्रा जारी रखी। रेलवे लाईन का पुल देखकर दिल्ली का लोहे वाला पुराना पुल याद आ गया जो लाल किले के साथ ही बना हुआ है। इस पुल से आगे निकलते ही क्षिप्रा नदी पर बना हुआ सड़क पुल भी आ गया। सड़क पुल भले ही आया हो लेकिन हमें उस पुल के ऊपर नहीं जाना पड़ा। हमारी गाड़ी सड़क जिस कच्ची मार्ग से होकर अल रही थी उसके सामने सिर्फ़ रपटे जैसे बंध से होकर निकलने में ही क्षिप्रा नदी पार हो गयी। जिस प्रकार उत्तर भारत में गंगा को पवित्र नदी माना जाता है उसी प्रकार मध्यप्रदेश में भी क्षिप्रा व नर्मदा को वैसी ही मान्यता प्राप्त है।


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