EAST COAST TO WEST COAST-05 SANDEEP PANWAR
भीमली का कब्रगाह देखने के बाद सामने ही समुन्द्र किनारे
दिखायी दे रहे शानदार नजारे हमें अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। हम भी उनके आकर्षण में बंधकर समुन्द्र किनारे खिचे चले गये। कुछ देर तक समुन्द्र किनारे टहलते रहे। आगे जाने पर
कई मूर्तियाँ दिखायी दे गयी। समुन्द्र को उसके हाल पर छोड़कर मूर्तियाँ देखने निकल पड़े।
समुन्द्र किनारे जो मूर्तियाँ थी वो बेहद ही बुरी अवस्था में थी किसी का हाथ किसी की
मुन्ड़ी, किसी की टाँग, और किसी की कुछ ना कुछ टूटी हुई थी। यहाँ एक दो दुकाने भी लगी
हुई थी जहाँ समुन्द्र किनारे मिलने वाली वस्तुएँ से बनने वाली सामग्री बिक्री के लिये
उपलब्ध थी। इसके बाद हम लाइट हाऊस की ओर बढ़ चले। वैसे तो यह लाइट हाउस अब बन्द हो चुका
है लेकिन इस लाइट हाउस ने सैकड़ों वर्षों तक अपनी सेवा पानी के जहाजों को दी होगी। लाइट
हाउस के आगे से होते हुए हम आगे चलते रहे।