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01- दिल्ली से पोवारी तक kinner Kailash trekking
KINNER KAILASH TREKKING-10 SANDEEP PANWAR
शिमला आने के बाद मेरे साथ बैठी सवरियों ने
बताया कि यही उतर जाओ। बस से उस जगह उतर गया जहाँ से जाखू मन्दिर पैदल जाने का
मार्ग सबसे कम है। आड़े-तिरछे मोड़
चढ़ते हुए मैं रिज के पास चर्च के सामने पहुँच गया यहाँ से आगे का मार्ग मुझे मालूम
था। क्योंकि मैं शिमला वाली ट्राय ट्रेन की यात्रा करते हुए शिमला की सबसे ऊँची
चोटी जिसकी ऊँचाई 2455 मीटर(8000 फ़ु) है जाखू मन्दिर पहले भी सन 2007 में आ चुका था। जैसा कि मैं बता चुका हूँ कि
मैं पहले भी यहाँ आ चुका हूँ तो दूसरी बार क्यों? मेरी आदत है कि मैं लगभग हर जगह
कम से कम दो बार तो अवश्य जाता ही रहा हूँ। जब मैं चर्च के सामने पहुँचा तो मुझे
अपनी कई साल पहले की वह यात्रा याद हो आयी, उस यात्रा के दौरान शिमला जैसा छोड़ कर
गया था आज भी ज्यादातर वैसा ही दिखायी दे रहा था। चर्च के सामने ही एक पुस्तकालय
अर्थात लाइब्रेरी है इसी के बराबर से होकर ऊपर जाने वाला मार्ग जाखू पर्वत पर बने
हनुमान मन्दिर जाता है। जब मैं पहली बार यहाँ आया था तो उस वर्ष तक जाखू मन्दिर में
हनुमान जी की 108 फ़ुट ऊँची महाविशाल मूर्ति
का निर्माण कार्य नहीं हुआ था। जहाँ तक मुझे याद पड़ता है उस यात्रा के समय इसका
कार्य भी आरम्भ नहीं हुआ था। यह विशाल मूर्ति शिमला के रिज व अन्य कई स्थलों से
साफ़-साफ़ दिखायी देती है।