दूधसागर कैम्प में पहुँचने के बाद हम लोगों ने सबसे पहले एक टैन्ट में अपना सामान रखा, उसके बाद वहाँ पर नहाने धोने के लिये नदी किनारे जाने के लिये मार्ग पता किया। नदी और कैम्प की दूरी मुश्किल से सौ मीटर ही रही होगी। हमने नहाने के काम आने वाले कपडे लिये और नदी में उछल कूद करने के लिये जा पहुँचे। अरे हाँ एक बात तो रह ही गयी थी कि जहाँ हमारा कैम्प था वहाँ से दूध सागर वाली रेलवे लाईन साफ़ दिखाई दे रही थी। रेलवे लाइन हमारे कैम्प से कई सौ फ़ुट की ऊँचाई पर थी। यह रेलवे लाईन दूध सागर झरने के बीच से होकर जाती है। रेलवे लाईन के फ़ोटो अगले लेख में दिखाये जायेंगे। अभी तो कैम्प से दिखने वाले नजारे देख लो। दूध सागर का आधा भाग आज के लेख में और बचा हुआ शेष ऊपर वाला भाग अगले लेख में दिखा दिया जायेगा।
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अगर ध्यान से देखोगे तो पेड़ों के पीछे रेलगाड़ी जाती दिखायी दे जायेगी। |