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रविवार, 15 अक्टूबर 2017

Shikari Devi Mata Temple शिकारी माता देवी मन्दिर यात्रा



बिजली महादेव-पाराशर झील-शिकारी देवी, यात्रा-04   लेखक -SANDEEP PANWAR

इस यात्रा में आप हिमाचल के कुल्लू जिले स्थित बिजली महादेव व मंडी जिले में स्थित सुन्दर बुग्याल जिसे हम पाराशर झील की यात्रा कर चुके हो। अब आपको मन्डी जिले की सबसे ऊँची चोटी शिकारी देवी की ओर चल रहे है। इस यात्रा को आरम्भ से पढने के लिये यहाँ क्लिक करना न भूले। इस लेख की यात्रा दिनांक 30-07-2016 को की गयी थी
Shikari Mata Devi Higest peak of Mandi District शिकारी देवी, (शिकारी माता) मन्डी जिले की सबसे ऊँची चोटी

शनिवार, 28 दिसंबर 2013

vashisht temple manali & hot spring मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत


KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-23                                       SANDEEP PANWAR

मनाली में कई दर्शनीय स्थल है जिनमें वशिष्ट मन्दिर व हिडिम्बा देवी मन्दिर प्रमुख है। आज मनाली से मात्र 3 किमी दूर स्थित वशिष्ट मन्दिर के गर्म पानी में नहाने चलते है। हाइवे पर व्यास और मनालसू नदी का संगम देखने लायक है। मुख्य हाईवे से मात्र 2 किमी ऊपर उल्टे हाथ जाने पर एक सड़क मन्दिर के सामने जाकर समाप्त होती है। मन्दिर से आधा किमी पहले एक बोर्ड दिखायी दिया, जिसमें लिखा था कि वशिष्ट मन्दिर जाने वाले वाहन यहाँ पार्क करे। मन्दिर का कही अता-पता नहीं था। हमने एक स्थानीय बन्दे से पूछा कि मन्दिर की पार्किंग कहाँ है? उसने कहा कि मन्दिर के सामने ही बाइक की पार्किंग है। हम आधा किमी आगे मन्दिर तक चले गये। मन्दिर के ठीक पहले जंजीर ड़ालकर मार्ग अवरुद किया गया था। वहाँ खडे एक कर्मचारी से जंजीर हटाने को कहा तो उसने मना कर दिया कि यहाँ बाहरी वाहन अन्दर ले जाना मना है। राकेश बोला, जाट भाई आप जाओ, मैं नहीं जा रहा मन्दिर-वन्दिर।


शुक्रवार, 27 दिसंबर 2013

Maharishi Ved Vyas temple, Rohtang Pass रोहतांग दर्रा (महर्षि व्यास गुफ़ा) से मनाली

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत


KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-22                                       SANDEEP PANWAR

अब अपनी यात्रा पर चलते है। रोहतांग दर्रा आ गया था। लेकिन मेरे साथ ऐसा पहली बार हो रहा था कि रोहतांग में जरा सी भी बर्फ़ नहीं मिली। मैं इससे पहले भी कई बार रोहतांग तक, बल्कि इससे भी आगे लेह तक गया हूँ। मुझे हर बार रोहतांग में बर्फ़ मिलती रही है। अबकी बार सितम्बर माह के आखिरी सप्ताह में यहाँ आया था हो सकता है कि इसी कारण यहाँ बर्फ़ ना मिली हो। रोहतांग की समुन्द्रतल से ऊँचाई 3978 मीटर/ 13051 फ़ुट है। यहाँ से मनाली 51 किमी दूर है। इतनी ऊँचाई पर पेड़-पौधे तक नहीं पनप पाते है। मनाली की ओर मढी व कैलांग की ओर ग्रामफ़ू जाने पर ही पेड़-पौधे दिखायी दे पाते है। आने वाले कुछ वर्षों में रोहतांग तक सिर्फ़ पर्यटक ही आया करेंगे, क्योंकि रोहतांग से उस पार लाहौल-स्पीति जाने के लिये 8.5 किमी लम्बी सुरंग बनाने का कार्य युद्द स्तर पर चल रहा है। रोहताग सुरंग बनने के बाद कैलोंग की दूरी 45 किमी कम हो जायेगी। जिस प्रकार जवाहर सुरंग बनने से कश्मीर घाटी पहुँचना आसान हो गया था उसी प्रकार यह सुरंग बनते ही लाहौल घाटी वर्ष भर जाया जा सकेगा।

व्यास मन्दिर

गुरुवार, 26 दिसंबर 2013

Batal (Chander taal) to Rohtaang Pass बातल (चन्द्रताल मोड़) से रोहतांग दर्रा

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत


KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-21                                       SANDEEP PANWAR

बातल से आज सुबह जो यात्रा शुरु हो रही है उसके बारे में हमने नहीं सोचा था कि इतना दुर्गम मार्ग हमें मिल सकता है कि सड़क की जगह पत्थरों से होकर निकलना पडेगा। कांगड़ी ढाबे वाले ने बताया था कि आप अभी तक जितना आसान मार्ग देखते हुए आये हो, रोहतांग की ओर ग्रामफ़ू तक 50 किमी उससे भी कई गुणा कठिन मार्ग आयेगा? बातल समुन्द्रतल से 3960 मीटर ऊँचाई पर है हमें ग्रामफ़ू की ओर जाना है वहाँ तक लगातार ढलान मिलने वाली है। खराब सड़क है लेकिन उतराई है यही एक बात अच्छी थी। बीच में कुछ चढाई भी आयेगी। ग्रामफ़ू समुन्द्रतल से 3320 मीटर ऊंचाई पर है। रोहतांग 3978 मीटर है। कल शाम को हम चन्द्रताल से चले थे जिसकी ऊँचाई समुन्द्रतल से 4250 मीटर के आसपास है।


मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

kibber (the highest village in the world) to Kunjum Pass किब्बर गाँव (काजा) से कुन्जुम पास

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत
KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-19                                       SANDEEP PANWAR

किब्बर गाँव को कई साल पहले सड़क मार्ग से जोड़ दिया गया था। यहाँ तक सड़क बनने के कारण इसे (सड़क मार्ग से जुड़ा) दुनिया का सबसे ऊँचा गाँव होने की मान्यता प्रदान की गयी थी। लेकिन वर्तमान में किब्बर दूसरे स्थान पर खिसक गया है। किब्बर गाँव की समुन्द्रतल से ऊँचाई 13796 फ़ुट अर्थात 4250 मीटर है। काजा के पास कौमिक या अन्य किसी दूसरे गाँव पहले स्थान पर बताया गया है। किब्बर में जुलाई माह में लदारचा नामक मेला लगता है। यहाँ फ़ोटो लेने के बाद वापसी चलने का समय आ गया। किब्बर से कुन्जुम पास 90-95 किमी है। कुन्जुम पास से चन्द्रताल 20-22 किमी है। कुन्जुम पास की ऊँचाई 14928 फ़ुट या 4551 मीटर है।


शनिवार, 21 दिसंबर 2013

Dhankar Monastery To Kaja धनकर गोम्पा (मठ) से काजा

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-17                                       SANDEEP PANWAR

धनकर गोम्पा समुन्द्र तल से 3894 मीटर ऊँचा है। गोम्पा तक पहुँचने के लिये मिट्टी की मिसाइल जैसी चट्टानों से बचते हुए निकलना पड़ता है। धनकर मठ से सिर्फ़ आठ-दस मीटर पहले तक हमारी बाइक पहुँच गयी थी जिससे पैदल चलने की नौबत नहीं आयी। बाइक से उतरते ही मठ के आसपास के फ़ोटो लेने शुरु कर दिये। इस मठ से थोड़ा हटकर एक किला भी बताया गया था। वहाँ खड़े एक बन्दे से किले के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि किले में मरम्मत कार्य चल रहा है। किला काफ़ी जर्जर हो चुका है। मनु ऊपर की ओर चला गया जबकि राकेश और मैं मोनेस्ट्री देखने चल दिये।

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

Tabo to Dhankar Monastery, Spiti ताबो से धनकर मोनेस्ट्री

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-16                                       SANDEEP PANWAR

ताबो मोनेस्ट्री सुबह के समय देखी जा सकती थी लेकिन चित्रकारी वाले कमरों में फ़ोटो लेनी पर रोक होने के कारण, हमारी रुचि ताबो मोनेस्ट्री स्थित चित्रकारी वाले कमरों को देखने में नहीं रह गयी थी। मोनेस्ट्री में चित्रकारी वाले कमरे सुबह 9 बजे के बाद बाहरी लोगों के लिये खोले जाते है। इस प्रकार ताबो से चित्रकारी देखने के बाद चलने में ही 10 बज जायेंगे। मैंने कह दिया, मुझे नहीं जाना मोनेस्ट्री देखने? स्पीति में आगे और बहुत सारी मोनेस्ट्री आयेंगी, उन्हे देख लेंगे। सामने वाले पहाड़ पर हिमालय की अजंता ऐलौरा वाली गुफ़ाएँ बतायी गयी थी। अब उन्हे भी छोड़ दिया गया। अगले साल एक बार फ़िर इस मार्ग पर अपनी यात्रा की सम्भावना है बचे कुचे स्थल उस यात्रा के लिये भी रहने चाहिए ना। यदि सब कुछ एक बार में ही देख लिया तो उसके बाद यहाँ घन्टा बजाने के लिये नहीं बचेगा। सामने वाले पहाड़ पर ऊपर की ओर तिब्बती भाषा में कुछ लिखा था, हमारे पल्ले नहीं पड़ा कि क्या लिखा था।

गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

1000 years old Tabo Monastery ताबो की एक हजार साल पुरानी मोनेस्ट्री

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-15                                       SANDEEP PANWAR

ताबो में हाई वे के बोर्ड पर काजा की दूरी 46 किमी लिखी हुई थी। बोर्ड का फ़ोटो लेकर ताबो मोनेस्ट्री देखने के लिये मुड़ गये। ताबो में प्रवेश करने के लिये एक दरवाजे से होकर आगे जाना पड़ता है। कुछ बच्चे वहाँ खेल रहे थे उनसे ताबो मोनेस्ट्री के बारे में पता किया। इस दरवाजे को पार कर उल्टे हाथ जाने पर हैलीपेड़ आता है जबकि सीधे हाथ जाने पर ताबो की मोनेस्ट्री देखने जाते है। हमारा इरादा ताबो मोनेस्ट्री देखकर आगे काजा की ओर निकलने का था। मोनेस्ट्री के मुख्य गेट से परिसर में घुस गये। हमने अपनी बाइके एक किनारे खड़ी कर दी। सामने ही तिब्बती स्मारक रुपी निशान दिखाई दे रहा था। इसके फ़ोटो मोनेस्ट्री देखने के बाद वापसी में लिये थे जबकि आपको पहले दिखाये गये है।


बुधवार, 18 दिसंबर 2013

500 years old Gue Lama's Mummy to Tabo गियु लामा की ममी से ताबो (टाबो) तक

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-14                                                SANDEEP PANWAR

सुमडो से दो किमी आगे जाने पर गियु मोड़ आता है गियु मोड़ वाली जगह समुन्द्र तल से 3100 मीटर की ऊँचाई पर है। जबकि गियु गाँव में ममी वाला मन्दिर समुन्द्र तल से 3700 मीटर ऊँचाई पर है। हाईवे से मात्र 8 किमी आने में ही ऊँचाई 600 मीटर चढने में बाइक की कड़ी मेहनत हो जाती है। गियु गांव में घुसते ही हमें ममी का ठिकाना पता करने की जरुरत नहीं पड़ी। एक जीप ममी देखने जा रही थी। हम भी उनके पीछे-पीछे चल दिये। जीप वाले गाँव में घुसने के बाद ममी का पता ठिकाना पता करने के लिये एक दुकान पर रुक गये। दुकान वाले ने उन्हे बताया कि आप गाँव से ऊपर निकल जाओ। यह मार्ग लामा की ममी वाले मन्दिर तक ही जाता है। दुकान वाले की बाते सुनकर हम जीप से पहले चल दिये। गाँव से एक किमी आगे ऊपर की ओर जाने पर उल्टे हाथ ममी का मन्दिर आ गया।


सोमवार, 16 दिसंबर 2013

Nako Lake & crossing the Danger Malling Nala नाको लेक से खतरनाक मलिंग नाला पार करना

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-12                               SANDEEP PANWAR

मनु के नाको मोड़ पर आते ही नाको गाँव की झील देखने चलना था। नाको झील व मोड़ के किनारे कुछ पत्थर रखे हुए थे। जिन पर तिब्बती/लद्दाखी/ अन्य भाषा में कुछ लिखा हुआ था जो अपने लिये भाषा काला अक्षर भैंस बराबर ठहरा। मनु को आगे भेजकर उसके पीछे चले दिये। मनु की बाइक को राकेश की ताकतवर बाइक जल्द पीछे छोड़ देती थी मनु को पीछे छोड़ने में हमें मजा आता था। हमारी बाइक आगे निकलते देख मनु जल भुन जाता होगा। हैलीपेड़ वाले मोड़ से नाको गाँव की दूरी मात्र एक किमी है। यहाँ पहुँचने में मुश्किल से 2-3 मिनट ही लगे होंगे। नाको गाँव तो आ गया था लेकिन नाको की झील कही दिखाई नहीं दे रही थी। हमने एक दुकान वाले से झील के बारे में पता किया। दुकान वाले के अनुसार हमारी बाइक झील के किनारे तक पहुँच जायेगी।


शनिवार, 14 दिसंबर 2013

Kharo bridge to Kazing (World danger/Treacherous road) खारो पुल से खाब/कांजिग तक

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-10                            SANDEEP PANWAR

मैंने खारो पुल में फ़ोटो लेने के लिये अपने कैमरे के लैंस का ढक्कन/कैप उतारा ही था कि लैंस की कैप मेरे हाथों से छिटक कर पुल पर गिर गयी। किस्मत अच्छी थी कि कैप पुल के एक फ़टटे के ऊपर गिरी थी। इस पुल के हर दो फ़ट्टों के मध्य चार इन्च का फ़ासला था। यदि कैप इनके बीच गिरी होती तो सीधे सतलुज के पानी में समा जाती। सतलुज के पानी मे कैप तलाश करना भगवान के भी बस में नहीं होता? खारो पुल पार कर एक बोर्ड लगा हुआ था जिस पर लिखा था कि आप इस समय विश्व के सबसे दुर्गम मार्ग पर यात्रा कर रहे है। अब तक जैसा मार्ग मिला था उसे देखते हुए बोर्ड की बात सही लग रही है।


सोमवार, 9 दिसंबर 2013

Chitkul- India's last village छितकुल- भारत का अंतिम गाँव

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-07                          SANDEEP PANWAR


हमारा इरादा भारत के अंतिम गाँव छितकुल में नदी किनारे तक जाने का था। जहाँ तक हमारी बाइक जा सकती थी। मनु ने अपनी सूची में देखकर बताया कि छितकुल में 500 साल पुराना माथी देवी का मन्दिर भी है। माथी देवी मन्दिर से पहले बास्पा नदी किनारे पहुँचा जाये। नदी किनारे पहुँचकर कुछ मस्ती करने का मूड़ हो रहा था।। अपुन ठहरे मनमौजी, नदी किनारे बाइक ले जाने के लिये जिस खतरनाक पगड़न्ड़ी से होकर जाना पड़ा, उसमें एक जगह तीखी ढलान थी। तीखी ढलान वाली जगह पर छोटे-छोटे गोल-गोल वाले पत्थर बहुतायत में पड़े हुए थे। नदी की ओर जाते समय ढलान थी जिस कारण सावधानी से रुक-रुक उतर गये। यहाँ चढाई चढ़ते समय क्या होगा? यह सोच कर रोमांच पैदा हो रहा था। इस जगह चढते समय पंगा अवश्य होगा।


गुरुवार, 5 दिसंबर 2013

Jeori- Hot Spring & Kinnaur's danger road ज्यूरी का गर्म पानी का श्रोत व किन्नौर की खतरनाक सड़के

किन्नौर व लाहौल-स्पीति की बाइक यात्रा के सभी लेख के लिंक नीचे दिये है।
11- सतलुज व स्पीति के संगम (काजिंग) से नाको गाँव की झील तल
12- नाको गाँव की झील देखकर खतरनाक मलिंग नाला पार कर खरदांगपो तक
13- खरदांगपो से सुमडो (कौरिक बार्ड़र) के पास ममी वाले गियु गाँव तक (चीन की सीमा सिर्फ़ दो किमी) 
14- गियु में लामा की 500 वर्ष पुरानी ममी देखकर टाबो की मोनेस्ट्री तक
15- ताबो मोनेस्ट्री जो 1000 वर्ष पहले बनायी गयी थी।
16- ताबो से धनकर मोनेस्ट्री पहुँचने में कुदरत के एक से एक नजारे
17- धनकर गोम्पा (मठ) से काजा
18- की गोम्पा (मठ) व सड़क से जुड़ा दुनिया का सबसे ऊँचा किब्बर गाँव (अब नहीं रहा)
20- कुन्जुम दर्रे के पास (12 km) स्थित चन्द्रताल की बाइक व ट्रेकिंग यात्रा
21- चन्द्रताल मोड बातल से ग्रामफ़ू होकर रोहतांग दर्रे तक
22- रोहतांग दर्रे पर वेद व्यास कुन्ड़ जहां से व्यास नदी का आरम्भ होता है।
23- मनाली का वशिष्ट मन्दिर व गर्म पानी का स्रोत

KINNAUR, LAHUL SPITI, BIKE TRIP-05                         SANDEEP PANWAR

सराहन में रात अच्छी कटी थी, लेकिन अपनी आदत बड़ी खराब है सुबह पाँच बजने के आसपास आँखे अपने-आप ही खुल जाती है। यहाँ भी खुल गयी। साथियों को देखा, उनके घोड़े बिक चुके थे। मैंने उजाला होने की प्रतीक्षा की, उजाला होते ही सभी उठ खड़े हुए। सुबह के समय सबसे बड़ी समस्या फ़्रेस होने की होती है इसलिये रात को ही पानी के बारे में पता कर लिया था। पहाड़ में ताजे पानी के श्रोत आसानी से उपलब्ध हो जाते है। मैंने भी ताजे पानी के एक श्रोत का लाभ उठाया। मनु को खुले में समस्या आती है। राकेश को आवश्यकता नहीं थी, मैं तनाव मुक्त होकर जब तक टैन्ट के पास वापिस पहुँचा, वो दोनों टैन्ट से बाहर आ चुके थे। मैंने आते ही बोला कि चलो, हमने टैन्ट पैक किया और ज्यूरी के लिये चल दिये। सराहन में भी एक शौचालय था लेकिन वह बन्द मिला। 



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