शुक्रवार, 12 जुलाई 2013

Bombay/Mumbai Local Train Journey (Information) and Tennis court मुम्बई लोकल ट्रेन की सम्पूर्ण जानकारी

EAST COAST TO WEST COAST 35                                                                   SANDEEP PANWAR
बोम्बे/मुम्बई का गेटवे ऑफ़ इन्डिया व ताज होटल देखने के बाद वापसी में चर्चगेट स्टेशन पहुँचने के लिये हमने पैदल चलने की जगह टैक्सी से दो किमी की दूरी तय करने का फ़ैसला किया। स्टेशन पहुँचकर बोला संदीप भाई आज आपको एक ऐसी चीज खिलाता हूँ जो शायद आपने अभी तक नहीं खायी होगी। क्यों भाई! ऐसी क्या चीज है? जो मैंने आज 38 वर्ष का होने तक नहीं खायी है, वैसे भी मैं शाकाहारी भोजन, सादा जल, व फ़लों के लावा और किसी पदार्थ का सेवन तो करता नहीं हूँ इसलिये ऐसी बहुत सी खाने लायक वस्तुएँ है जो मैंने अभी तक नहीं खायी है। विशाल और मैं स्टेशन पर प्लेटफ़ार्म की ओर जा रहे थे कि तभी वहाँ एक दुकान पर विशाल बोला रुको, संदीप भाई! पहले रोल जैसी वो स्वादिष्ट वस्तु खाते है फ़िर ट्रेन के लिये चलेंगे। (continue)


हम दोनों उस दुकान में अन्दर गये, वहाँ विशाल ने अपनी जेब से दो रोल का आर्डर दिया। यह रोल नुमा वस्तु आर्ड़र देने पर तैयार होती है। मुश्किल से 4-5 मिनट में ही यह रोल तैयार होकर हमारे हाथों में पहुँच चुका था। रोल काफ़ी गर्म था इसलिये खाने से पहले कुछ देर पंखे नीचे बैठकर ठन्ड़े होने की प्रतीक्षा करनी पड़ी। यह रोल बिल्कुल वैसा ही था जैसे किसी रोटी को लपेट कर गोल-गोल रोल बना दो और उसके बीच में खाने के लिये कुछ रख दो। मैंने आराम से यह रोल खाया, लेकिन विशाल को पता नहीं क्या जल्दी थी कि झटपट उस रोल को ड़कार गया। क्यों महाराज, एक से पेट में कुछ असर नहीं हुआ क्या? जाओ दूसरा ले आओ! लेकिन विशाल ने रोल लेने की जगह पानी की एक बोतल ले ली। पानी पीकर हम प्लेटफ़ार्म की ओर चल दिये।

प्लेटफ़ार्म में घुसने से पहले विशाल ने टिकट मशीन से दो टिकट निकाले। विशाल ने शायद ही एक-दो जगह रेलवे की टिकट लेने के लिये लाइन में लगने की आवश्यकता महसूस की होगी, नहीं तो लगभग सभी जगह विशाल ने अपने ATM नुमा कार्ड़ के ही मशीन में लगाकर टिकट ले लिये थे। टिकट लेते ही हम प्लेटफ़ार्म पर पहुँच गये। चर्च गेट से हम लोगों ने मुम्बई लोकल में यात्रा शुरु की थी यहाँ से आगे मरीन लाइन्स, चर्नी गेट, ग्रैन्ट रोड़, मुम्बई सेन्ट्रल, महालक्ष्मी, लोअर परेल, एलफ़िनस्टोन रोड़, दादर, माटुंगा रोड़, माहिम जंक्शन (यहाँ से सीएसटी व हार्बर लाइन की लाइन जुड़ती है), बान्द्रा, खार रोड़, सांताक्रूज, विलेपार्ले, अन्धेरी, जोगेश्वरी होते हुए गोरेगाँव में जाकर विशाल के साथ यह लोकल वाली यात्रा समाप्त हुई, यहाँ से आगे मलाड़ बोरीवली, दहिसर, मीरा रोड़, भयन्दर, नायगाँव, वसई रोड़ ( यहाँ दर्शन कौर धनौए के यहाँ जाना हुआ था।) तक के सभी स्टेशन की यात्रा मैं कर चुका हूँ, इससे आगे नालासोपरा, विरार जैसे नाम आते है। जहाँ जाने का अपना कोई इरादा अभी नहीं है।


ऊपर के पैरा में मैंने चर्च रोड़ से लेकर विरार तक के सभी स्टेशन के नाम लिखे है, उनमें धीमी लोकल सभी स्टेशन पर रुकती हुई आगे बढ़ती जाती है जबकि तेज गति वाली लोकल उनमें से चर्च गेट, मुम्बई सेन्ट्रल, दादर, बान्द्रा, अन्धेरी, बोरीवली, भायन्दर, वसई रोड़ स्टशनों में रुकती है। दादर स्टेशन मुम्बई का बहुत बड़ा जंक्शन है यहाँ से कुर्ला, खाटकोपर, थाणे, डोम्बीवली, कल्याण (कल्याण से करजत होकर खोपोली जाने वाली लाइन अलग होती है। माथेरान करजत वाले रुट पर आने वाले नेरल स्टेशन से ही होकर जाया जाता है।) कसारा वाली लाइन की गाड़ी अलग हो जाती है। चित्र से समझने के लिये मैंने दो चित्र मुम्बई रेलवे लाइन के दिये हुए है जरा उन्हें ध्यान से जाँच ले। 

बोम्बे में तीन मुख्य लाइन है जिनमें 

पहली पश्चिम लाइन चर्च गेट से आरम्भ होती है यह लाइन गुजरात के अहमदाबाद के लिये जाती है।
दूसरी मध्य (central) लाइन cst से आरम्भ होती है, यह लाइन नाशिक मनमाड़ के लिये जाती है।
तीसरी हार्बर लाइन के नाम से जाना जाता है। यह भी cst से ही आरम्भ होती है जो कुर्ला तक साथ चलती है, कुर्ला के नजदीक ही लोकमान्य तिलक टर्मिनस भी है यहाँ से थाणे कल्याण वाले रुट पर होकर लम्बी दूरी की सवारी गाडियाँ चलती है। कुर्ला के बाद अलग लाइन होकर पनवेल, रत्नागिरी होते हुए गोवा रुट पर चली जाती है जिसे आगे जाकर कोंकण रेलवे कहा जाता है।

11 जुलाई 2006 शाम को 6 .24 से 6.35 के बीच मुंबई की लोकल ट्रेनों में लगातार एक के बाद एक बम धमाके होते रहे थे, ब्लास्ट होते रहे। इस आतंकी घटना में करीब 187 लोग मारे गए थे और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए 11 मिनट तक लगातार ये धमाके होते रहे !! है किसी को याद?

गोरेगाँव स्टेशन जाकर लोकल ट्रेन से उतर गये यहाँ से पैदल फ़ुटओवर ब्रिज से होकर विशाल के घर पहुँचे। मेरी ट्रेन दिल्ली के लिये रात के 9:30 की मुम्बई सेन्ट्रल से थी वह ट्रेन गोरेगाँव स्टेशन पर नहीं रुकती है इसलिये मुझे उस ट्रेन को पकड़ने के लिये बोरीवली जाना पड़ा। विशाल के घर पहुँचकर पहले तो नहाधोकर दिन भर की थकान मिटाई गयी, उसके बाद विशाल के लैपटॉप में अपने मोबाइल व माथेरान विशाखापट्ट्नम, नान्देड़ आदि की सारी फ़ोटो कोपी की गयी, फ़िर विशाल के कैमरे से माथेरान व बोम्बे के सारे फ़ोटो अपने मोबाइल के मैमोरी कार्ड़ में भेजे गये। 

सब काम निपटने के बाद विशाल बोला संदीप भाई क्या मेरा वाकिंग ट्रैक देखने नहीं जाओगे। कितनी दूर है? 300 मीटर, तो चलो। हम दोनों विशाल का ट्रेकिंग स्टेडियम देखने पहुँचे, शाम का समय था जिस कारण वहाँ काफ़ी रौनक थी। स्टेडियम वैसे तो टैनिस के लिये ही बना हुआ था लेकिन उसके चारों ओर एक ट्रैक बनाकर वाकिंग की सुविधा प्रदान कर दी गयी थी। इस मैदान के 6 चक्कर लगाने पर एक किमी की दूरी तय हो जाती है। विशाल इस मैदान के 50 चक्कर एक घन्टे में तय कर लेता है। यह इस मैदान का अभी तक का रिकार्ड़ है।

विशान ने पूरे दिन के खर्च हुए लगभग 400 के करीब रुपयों में से सिर्फ़ 200 रुपये बड़ी मुश्किल से लिये। मैंने कहा भी कि विशाल भाई आज बोम्बे शहर की यात्रा कराने में आपने एक दिन का अवकाश भी मेरे लिये लिया है उसके बाद भी दिन भर के कुल खर्च का आधा भार ही ले रहे हो, जबकि आज के दिन का सारा किराया मेरे सिर बनता है लेकिन विशाल नहीं माना, बोला दोस्ती पक्की खर्चा अपना-अपना। आखिरकार मुझे विशाल को 200 रुपये ही देने पड़े, जबकि पूरे दिन का किराया ही लगभग 300 रुपये बनता था जो सिर्फ़ मेरे कारण खर्च हो गया था। इस यात्रा के अन्तिम चरण में बोम्बे के फ़ोटो के लिये विशाल का, विजाग के फ़ोटो के लिये नारायणजी का विशेष धन्यवाद।  (क्रमश:)
विशाखापटनम-श्रीशैल-नान्देड़-बोम्बे-माथेरान यात्रा के आंध्रप्रदेश इलाके की यात्रा के क्रमवार लिंक नीचे दिये गये है।
15. महाराष्ट्र के एक गाँव में शादी की तैयारियाँ।
16. महाराष्ट्र की ग्रामीण शादी का आँखों देखा वर्णन।
17. महाराष्ट्र के एक गाँव के खेत-खलिहान की यात्रा।
18. महाराष्ट्र के गाँव में संतरे के बाग की यात्रा।
19. नान्देड़ का श्रीसचखन्ड़ गुरुद्धारा
20. नान्देड़ से बोम्बे/नेरल तक की रेल यात्रा।
21. नेरल से माथेरान तक छोटी रेल (जिसे टॉय ट्रेन भी कहते है) की यात्रा।
22. माथेरान का खन्ड़ाला व एलेक्जेन्ड़र पॉइन्ट।
23. माथेरान की खतरनाक वन ट्री हिल पहाड़ी पर चढ़ने का रोमांच।
24. माथेरान का पिसरनाथ मन्दिर व सेरलेक झील।
25. माथेरान का इको पॉइन्ट व वापसी यात्रा।
26. माथेरान से बोम्बे वाया वसई रोड़ मुम्बई लोकल की भीड़भरी यात्रा।
विशाखापटनम-श्रीशैल-नान्देड़-बोम्बे-माथेरान यात्रा के बोम्बे शहर की यात्रा के क्रमवार लिंक नीचे दिये गये है।
27. सिद्धी विनायक मन्दिर व हाजी अली की कब्र/दरगाह
28. महालक्ष्मी मन्दिर व धकलेश्वर मन्दिर, पाताली हनुमान।
29. मुम्बई का बाबुलनाथ मन्दिर
30. मुम्बई का सुन्दरतम हैंगिग गार्ड़न जिसे फ़िरोजशाह पार्क भी कहते है।
31. कमला नेहरु पार्क व बोम्बे की बस सेवा बेस्ट की सवारी
32. गिरगाँव चौपाटी, मरीन ड्राइव व नरीमन पॉइन्ट बीच
33. बोम्बे का महल जैसा रेलवे का छत्रपति शिवाजी टर्मिनल
34. बोम्बे का गेटवे ऑफ़ इन्डिया व ताज होटल।
35. मुम्बई लोकल ट्रेन की पूरी जानकारी सहित यात्रा।
36. बोम्बे से दिल्ली तक की यात्रा का वर्णन



यह वही पुल है जिस पर खडे होकर हमने रेलवे लाइन के फ़ोटो लिये थे।


महिला डिब्बा

यह चित्र ज्यादा विश्वसनीय नहीं है।
THIS PHOTO HAS TAKEN FROM TICKET MACHINE

गोरे गाँव का पैदल पुल










बचपन के दिन भुला ना देना।

4 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

गतिमय मुम्बई...सुन्दर चित्र श्रंखला..

amitgoda ने कहा…

behtarin photo aur rochak vivran

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन रुस्तम ए हिन्द स्व ॰ दारा सिंह जी की पहली बरसी - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Madan Mohan saxena ने कहा…


बहुत ही अच्छा लिखा आपने .बहुत ही सुन्दर रचना.बहुत बधाई आपको . कभी यहाँ भी पधारें ,कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

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