रविवार, 16 दिसंबर 2012

बीकानेर-हेरिटज होटल महाराजा गंगा सिंह पैलेस Bikaner-Heritage hotel Maharaja Ganga Singh Palace


बीकानेर यात्रा में आज आपको यहाँ के एक हेरिटेज होटल महाराजा गंगा महल की सैर करायी जा रही है। बताया गया कि यह होटल राजाओं के समय में उनके यहाँ आने वाले मेहमानों के आराम के लिये बनवाया गया था। दूसरे अर्थ में हम कह सकते है यह उस समय का अतिथि भवन था। बीकानेर का जूनागढ़ किला व उसके अन्दर वाले चित्रकारी का खजाना व शस्त्रों का विशाल जखीरा देखने के बाद मैंने अपने गाईड की बाइक सम्भाल ली, कार में बैठे-बैठे यात्रा में अपुन को कुछ स्वाद ही नहीं आ रहा था। कमल भाई व प्रेम सिंह कार से यहाँ पहुँच गये थे। हम बाइक से उनके बाद यहाँ पहुँचे  थे। एक बात यहाँ याद आ रही है कि बीकानेर की अदालत के सामने से होते हुए हम यहाँ आये थे।

आओ चले गंगा महल में










गंगा महल की छत से बाहर का नजारा, पीछे अदालत भी दिख रही है।

नहाना है तो कूद पडो।

इस पर आजकल सवारी करना मना है।




अब दोपहर का लंच हो जाये, उसके बाद कही और जायेंगे।

यह गंगा महल का बाहरी फ़ोटो है।

गंगा महल अच्छी तरह देखने के बाद पता लगा कि यह तो एक आलीशान होटल है बाहर से देखने से पहली नजर में यह एक फ़ैक्ट्री ज्यादा दिखाई दे रहा था। लेकिन अन्दर जाकर यहाँ के माहौल ने दिल खुश कर दिया था। दोपहर का समय हो चुका था हमें भूख भी लगी हुई थी। खाने के बारे में हमसे जब पूछा गया तो हमने कहा कि यहाँ का जो सबसे ज्यादा खाये जाने वाला शाकाहारी खाना है हमारे लिये वही बनाया जाये। एक सब्जी उसका नाम शायद (थोड़ा बदलाव हो सकता है) मूंगरी बताया था, यह सब्जी हमें बहुत अच्छी लगी थी। यहाँ लंच करने के उपरांत हम अपने आगे के मिशन पर बढ़ चले थे। यहाँ से चले ही थे कि सीधे हाथ होटल राज विलास पैलेस नामक शानदार ईमारत पर हमारी नजर पड़ी। प्रेम सिंह से कहा क्यों भाई क्या यहाँ का विजिट नहीं हो सकता है, उन्होंने कहा चलो यहाँ भी चलो मने करने वाली कोई बात नहीं है। हमने कार वहीं मुडवा ली थी यहाँ हमने फ़टाफ़ट तीन-चार कमरे, भोजन वाला हॉल सहित छत पर कुछ हिस्से के तीव्र गति से अवलोकन कर वापिस अपनी गाड़ी में बैठ कर आगे बढ़ चले थे।






यहाँ से अब आगे चलते है।



आज के लिये इतना ही काफ़ी है बाकि के कुछ और शानदार होटल भी आपको आगामी लेख में दिखाये जायेंगे।





राजस्थान यात्रा-

बीकानेर- 2 जूनागढ़ किला
बीकानेर- 8 कुछ अन्य शानदार होटल
बीकानेर- 9 रायसर रेत के टीलों पर एक रंगीन सुहानी मदहोश नशीली शाम दिल्ली वापसी

4 टिप्‍पणियां:

प्रवीण गुप्ता ने कहा…

संदीप बाबू, आम आदमी के लिए ये महल और होटल में रुकना या ठहरना एक सपना ही हैं....वन्देमातरम...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अत्यन्त सुन्दर स्थान..

madhu singh ने कहा…

bwhatareen prastuti, bemishal khoobshuruti,HAI PAR KUCH TAKNIKI DIKKTO KE CHALTE PUNAH POST NAHI KAR PA RAHI HU,DO NIT KA TIME LAG SAKTA HAI,AAP KO SUCHIT KAR DUNGI,KAST HETU KSHMA KIJ

Vishal Rathod ने कहा…

क्या शानदार यात्रा कर रहे हो संदीप जाट जी

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...