मंगलवार, 23 दिसंबर 2014

All journey in year 2014 by Sandeep Panwar सन 2014 में संदीप पवाँर की यात्राएँ


दोस्तों, मेरे जैसे घुमक्कड बन्धु साल भर नये-नये प्रदेश देखने जाते रहते है। चूंकि घुमक्कडी सनक अपुन पर भी सवार है तो मुझे जब भी मौका मिलता है तो घर परिवार बच्चों को घर छोडकर घूमने चला जाता हूँ। साल में दो-तीन मौके ऐसे भी आते है जब सपरिवार यात्रा करने का मौका मिलता है। आज के लेख में आपको वर्तमान साल सन 2014 में की गयी यात्राओं के बारे में बताया गया है।


इस साल नये साल वाले दिन ही कश्मीर यात्रा के लिये सपरिवार जाना हुआ था। इस यात्रा में कश्मीर की डल झील, निशात बाग, शालीमार बाग व अन्य बाग के अलावा पहलगाम यात्रा की गयी थी।  इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण बताया जा चुका है। जिसका लिंकयहाँ है। इस लिंक पर क्लिक कर आप इस यात्रा को पढ व देख सकते है।






बीकानेर यात्रा में राकेश के साथ लडेरा गाँव स्थित मरुभूमि महोत्सव देखने का कार्यक्रम बनाया गया था। इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण बताया जा चुका है। जिसका लिंक यहाँहै। इस लिंक पर क्लिक कर आप इस यात्रा को पढ व देख सकते है।




सरिस्का के वन की यात्रा उलाहेडी निवासी अशोक भाई के सौजन्य से की गयी थी। इस यात्रा में भानगढ के भूतों का किला भी देखा गया था। इसके अलावा नीमराणा की बहुमंजिला बावडी भी देखी गयी थी। इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण बताया जा चुका है।जिसका लिंक यहाँ है।इस लिंक पर क्लिक कर आप इस यात्रा को पढ व देख सकते है।





खजुराहो-ओरछा-झांसी यात्रा में खजुराहो के दुनिया भर में मशहूर मन्दिर देखे गये। ओरछा के कई स्थल देखे गये। आखिरी में झांसी की रानी लक्ष्मी बाई का किला देखा गया। इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण बताया जा चुका है। जिसका लिंक यहाँ है। इस लिंक पर क्लिक कर आप इस यात्रा को पढ व देख सकते है।




एक दिन की उखीमठ यात्रा से ही वापिस होना पडा था। इस यात्रा में मैंने मदमहेश्वर जाने का प्लान बनाया था लेकिन उखीमठ जाकर पता लगा कि कपाट खुलने में अभी कई दिन रुकना पडेगा। जिस कारण उखीमठ से वापिस लौटना पडा था। इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण नहीं बताया गया है।




अजय भाई के साथ एक घुमक्कड दोस्त सचिन त्यागी से मुलाकात यादगार रही। यह मुलाकात काफ़ी लम्बे इन्तजार के बाद आयी। सचिन भाई ने कई बार कोशिश की थी।



 नैनीताल व पाताल भुवनेश्वर गुफ़ा की यात्रा राजेश सहरावत, अजय भाई व प्रवीन जी के साथ की गयी थी। इस यात्रा में वापसी में बागेश्वर होते हुए यात्रा की गयी थी। इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण बताया जा चुका है। जिसका लिंक यहाँ है। इस लिंक पर क्लिक कर आप इस यात्रा को पढ व देख सकते है।




दस दिन की अण्डमान यात्रा में अण्डमान का काफ़ी इलाका देखा गया था। इसमें मुख्य है, चिडिया टापू, डिगलीपुर स्थित अण्डमान की सबसे ऊँची पर्वत चोटी, अन्डमान में समुन्द्री संग्रहालय में रखे जीवों के अवशेष, अंग्रेजो की बनाई सबसे बडी लकडी काटने वाली आरा मिल, हैवलोक टापू स्थित सुन्दर बीच राधा नगर बीच, नील टापू स्थित प्राकृतिक पुल, सूर्यास्त व सूर्योदय स्थल सहित अन्य स्थल देखे गये। इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण अभी तक नहीं बताया गया है। इस यात्रा में राजेश सहरावत व मनु प्रकाश त्यागी हम सफ़र रहे।












दिल्ली स्थित कुतुबमीनार व हुमायू के मकबरे की यात्रा बोम्बे निवासी दोस्त विशाल राठौर के साथ की गयी थी। इस यात्रा के बारे में आपको अभी तक नहीं बताया गया है। 





नन्दा देवी राजजात यात्रा इसमें मदमहेश्वर केदार के साथ अनुसूईया माता मन्दिर व रुद्रनाथ केदार सबसे कठिन केदार की यात्रा भी की गयी थी। इस यात्रा के बारे में आपको सचित्र विवरण अभी तक नहीं बताया गया है।











राजस्थान में मेहन्दीपुर बालाजी, खाटू श्याम, जीण माता के साथ सालासर बालाजी मन्दिर के साथ सती माता मन्दिर झुन्झुनू की यात्रा तीन पडौसियों के साथ की गयी थी। इस यात्रा का विवरण सचित्र अभी तक नहीं बताया गया है।




 15 अगस्त का कार्यक्रम, यमुना किनारे छट पूजा उत्सव, गाँव व ससुराल की यात्रा की गयी थी। जिनका विवरण अभी तक नहीं बताया गया है। इसके अलावा ट्रेन व बस में की गयी छोटी-मोटी यात्राएँ भी रही। रेल व बस यात्रा को मैं किसी यात्रा में नहीं गिनता हूँ। यह सिर्फ़ किसी जगह पहुँचाने का साधन भर होती है। अगर ट्रेन से यात्रा करने का किसी गैर रेलवे कर्मचारी का रिकार्ड मेरी जानकारी में है तो वो है मेरा छोटा भाई जो बीते दो साल में लगभग 600 बार दिल्ली से बरेली तक डेली-अपडाउन कर चुका है। 




9 टिप्‍पणियां:

यात्री रोहित ने कहा…

घुम्मकड़ी किस्मत से मिलती है और आपकी किस्मत ऐवरेस्ट की तरह बुलंद है। २०१५ के कीर्तिमानो के लिए बधाई। जाट तुम बढ़े चलो...

edu article ने कहा…

Looks like you had fun Sandeep vhia

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Sachin Kumar ने कहा…

सदींप जी बाकी की यात्रा कब तक अा जायेगाी।

Onkar ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

",तुम न जाने किस जहाँ में खो गए -----"आज तो यही गीत याद आ रहा है संदीप ---आखिर तुम्हारी गुमशुदी की वजय क्या है --? अपनी बुआ से शेयर नहीं करोगे ???????????????

AJIT NEHRA ने कहा…

bhut accha likhte ho g if u wana start a best blog site look like dis or professional 100% free than visit us
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harshita ने कहा…

वाह,बेहतरीन पोस्ट

kapeesh gaur ने कहा…

आप ने हमे प्रभाबित किया

Hazel Arora ने कहा…

@ Sandeep

These are your best photos! kashmir looks so enchanting! Amazing wildlife!

Regards
Hazel

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