गुरुवार, 23 जून 2011

निर्दयी नीरज से सावधान रहना


आज पोस्ट तो संगम से काशी पैदल यात्रा वाली लगानी थी, पर क्या करु मैं इस छोटे भाई नीरज जाट जी का, जिस के कारण मुझे पहले ये पोस्ट लगानी पड रही है।

मैं और नीरज आसपास ही रहते है। कोई तीन-चार किलोमीटर के फ़ासले पर, और मेरे अपने घर से कार्यालय जाते समय बीच मार्ग में ही नीरज जाट जी का कार्यालय भी आता है। अक्सर हमारी मुलाकात होती रहती है।

नीरज के अपने कार्यालय में पानी पीने का जो यंत्र लगा हुआ है, उसमें एक गडबड कर रखी है या अपने आप हो गयी है, ये तो वो ही जाने, वो ये है, कि इस जगह पर पीने के पानी का ये जो कूलर लगा हुआ है, इसमें दो टोंटी है। पानी पीने के लिये आया प्यासा बंदा किस टोंटी से पानी लेगा, जब दो टोंटी में से एक खराब हो व दूसरी सही हो, आपका जवाब भी मेरे जैसा ही होगा कि सही टोंटी में से, बस ये मैंने भी किया एक बार नहीं दो-दो बार,

अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें कौन सी पोस्ट लिखने वाली बात थी, अब जरा इससे आगे देख लो कि इस सही टोंटी में से जो पानी निकलता है उसे आप पीना तो दूर हाथ भी नहीं धो सकते हो, क्योंकि सही टोंटी में से निकलने वाला पानी इतना गर्म है कि उसमें चाय की पत्ती व दूध डाल दो तो चाय़ सैंकडों में तैयार हो जायेगी।

इसलिये मैं आप सब को कह रहा हूँ कि जो कोई भी नीरज के पास जाये तो वो अपने पीने का पानी अपने साथ ले जाये, तथा इस टोंटी से हाथ भी ना धोये, नहीं तो चिल्लाते रहना, और निर्दयी नीरज आपको निहारते रहेगा।


देख लो अब भी यही कह रहा है, कि इसी से पानी पी लो।

उसकी बातों में मत आना, नहीं तो चिल्लाते रहना, बाद में।


हद तो तब हो गयी, जब मैं इस टोंटी के फोटो खिच रहा था, तो तब भी नीरज को देखो, इशारा कौन सी टोंटी की तरफ़ कर रहा है। मैं सही टोंटी की और इशारा कर रहा था। मैं नीरज को अपनी शादी की सालगिरह पर आइसक्रीम की दावत का न्यौता देने गया था। जो कि आज है। अब आप बच के रहना इस पानी से?

36 टिप्‍पणियां:

Rakesh Kumar ने कहा…

आपकी शादी की सालगिरह पर बहुत बहुत शुभ कामनाएँ संदीप जी.टोंटी के बहाने आपकी शादी की सालगिरह की जानकारी हुई.इसके लिए नीरज जी को भी बधाई.

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

ओह्ह्हो! आज कतल की रात है, इसलिए आईसक्रीम का न्योता। चुल्हा न्युत हो तो हम भी आ जावें।

जाट देवता और जाटणी देवी नै शादी की सालगिरह मुबारक हो। ढेर सारी बधाई और मेरी तरफ़ से खाओ लाडू,पेड़े और मिठाई।

संजय @ मो सम कौन ? ने कहा…

वैरी गुड..!!
’रहिमन पानी राखिये’ की जगह ’नीरज पानी राखिये’ कर लेंगे।
असल में तो साजिश है ये कि कोई और न मिलने आ जाये:)

सालगिरह की मुबारक। अब देखते हैं नीरज को आईसक्रीम ठंडी ही मिली कि संदीप ने भी कोई शरारत की?

नीरज जाट ने कहा…

अरे यार, इस बात को सार्वजनिक करके सारा खेल बिगाड दिया। मैं इस टोंटी से कई को मजे दे चुका हूं। अब कोई भी आयेगा, सावधान होकर आयेगा। लगता है कि अब सही टोंटी को सही करने का वक्त आ गया है और टूटी हुई को गलत।

Tarun Goel ने कहा…

ham kispe bharosa karein janaab? ;) ;)

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

kamaal hai bhai....

shauk ghumakkadi ka or
byah bhi karwa liya.....saalgirah bhi mana li.....

garam pani bhi pee liya...

jaatatv sidhh kar ke dikha diya..
sadhuwaad

rahi baat tuntiyon ki isharebazi ki to jab do jaat iktthe honge to yahi hoga...

rashmi ravija ने कहा…

शादी की सालगिरह की बधाई और शुभकामनाएं...
पर सिर्फ आइसक्रीम का न्योता...और आपके दोस्त मान गए??...एक पार्टी तो बनती है..:)

upendra shukla ने कहा…

bhai hum savdhan hi rahege
post with fun

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

भाई संदीप ,आइसक्रीम तो हमे भी खानी है पर पानी नीरज का मत पिला देना ...वरना मणिकर्ण की याद आ जाएगी ..और आइसक्रीम की फटी हुई चाय बन जाएगी पेट मे ...हा हा हा हा

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

हाय जालिम !ये माडरेशन कब से कर दिया तुमने

veerubhai ने कहा…

हिन्दुस्तान के आवाम की यही तो समस्या है -पीने का साफ़ (ठंडा तो दूर की बात ,लगे जाने के लायक भी नहीं ,जोहड़ का गंदा पानी ,रेल लाइन के साथ-साथ चलिए आधा हिन्दुस्तान नजर आजायेगा )नहीं है .जीवन की बुनियादी ज़रूरीयात नहीं .इन दिनों लम्बे सफर पर हैं .कल केंटन से निकले ,आज पिट्सबर्ग में हैं ,शाम को फाउन्टेन -विल (पेंसिलवानिया )में रहते ।
ओहायो राज्य के एक छोटी सी खूबसूरत छोटे घरों वाली बस्ती दिखलाते हुए हमारे दोस्त दामाद बोले -पापा यह यहाँ की स्लम्स हैं .हमने देखा कारें वहां भी खड़ीं थी .जीवन की बुनियादी ज़रूरीयात सबके पास है .स्लम्स कहाँ ये तो आर्थिक तबके के सापेक्षिक निचली परत है .
स्लम डोग मिलिनीयोर को कैसे भूल गए भैया .हमारे यूनिवर्सिटी कोलिज के स्टाफ रूम में भी एक कूलर था ,पानी पीने में दर लगता था .हम पी लेते थे ,ए लो डोज़ ऑफ़ बेक्टीरिया वार्ड्स ऑफ़ ए मेजर इन्फेक्शन .यहाँ लोग कूलर में जाले फूले सब .कूलर में जाले फूले सब लगे रहते थे .लोग अपना दिन भर का पानी साथ लाते थे .हम ही बे -आब थे .

Vijai Mathur ने कहा…

२३ जून को आपकी शादी की दावत देने हेतु बहुत-बहुत मुबारकवाद.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

शादी की सालगिरह की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें ।
पानी तो वैसे भी आजकल साथ ही रखना पड़ता है ।

रविकर ने कहा…

२ बजे आया
नीरज के नीर ने नहीं जलाया
अपितु नेटवर्क ने रुलाया |

पहले बधाई |
देर से आई --
फिर भी बधाई
आई ||

नीरज को वैसे पता है--
कैसे दोस्तों को दूर रख सकते हैं--
आखिर आफिस के साथ-साथ
ब्लाग भी तो लिखना है|

शुभ संध्या,
नीरज को भी ||

Vaanbhatt ने कहा…

आपका भी अंदाज़-ए-बयां कुछ और ही है...भाई शादी की सालगिरह पर बधाई चाहिए थी तो सीधे लिखते...बेचारे नीरज जी के ऑफिस वाले कुछ भी लगवाएं...इसमें नीरज जी का क्या दोष...शादी की वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं...

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

अब जब बात कार्यालय की चली है तो मैं आपको अपना कार्यालय भी दिखा देता हूँ। कल मिलेंगे। मेरे छोटे से कार्यालय में।

सुबीर रावत ने कहा…

Happy mariage anniversary devta jee.

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

नीरज भाई का नीर से विशेष लगाव है.हमें तो नीरज का पानी बढ़िया लगा.अगली बार जब आप जाएँ तो डिप -डिप वाली चाय पट्टी साथ ले जाएँ.बगलवाली से पानी पियें और गरमवाली से चाय !

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

अजी छोड़ो ये पानी-वानी की बातें,आप दोनों (जाट देवता,जाट देवी) को शादी की वर्ष गांठ की हार्दिक शुभ कामनाएं.आप तो बस गर्म पानी वाली टोंटी से चाय ही बना लो.बारिश में क्या आइसक्रीम खाना.क्योंकि......
बारिश का मौसम और निराला हो जाये
साथ आपके चाय का एक प्याला हो जाये.

निगम परिवार

रविकर ने कहा…

from my son's blog--

ALLAHABAD ME AAPKA SWAGAT HAI
Was taking a very usual casual walk at Corniche . "Allahabad ka tha shayad" as soon somebody said this, I felt like somebody just stabbed in my heart. .It was like if somebody had unknowingly agitated the deep n long resting innumerous memories.

Allahabad, the city is also known as city of "sangam” and is quite rightly so; located right in the heart of India and in the hearts of every mnnitian :)

Such a beautiful place!! And like any other big city, it is a Metropolitan. You’ll find industries, roads, colleges, malls, showrooms and almost everything a modern city in India got to have. But quite unlikely this big city has big heart as well. Being mostly occupied with middle class and upper middle class people, the majority of people around here still carry a small town mentality- they are willing to help out any stranger without knowing if he might be a bad person. The shopkeeper trusts you if you say him you don’t have the change and you'll return it to him next day. A Father can be seen riding scooter; dropping and picking his children for tuitions and where mother still feels nervous to take the escalators.

Unlike many of other metropolitan cities, this city believes in sleeping early and rising early. Thousands of vehicles can be seen running on the wide roads till night yet the life here moves with a slow desirable pace, and which makes me fall in love with this city. You certainly going to like the "bhaiyas" out here; be it the rickshaw wale bhaiya. . gol gappe waale bahiya , poori waale bhaiya or chhuri waale bhaiya ;) The city presents a genuinely true picture of complete U.P.

The land of Poets and writers provides no less opportunites to those who keep in terest in photgraphy as well. If you wish to see the extent of beauty you should once visit the riverside of Ganges in twilight. It gives you a view of a picture perfect landscape! The street sweepers making the sweeping sound early morning, streets get noisy with pedestrians by afternoon , passing gentle breeze at evening ,ajaan at some corner during the nightfall, ringing bells in the temples at the street side ,chirping birds ,All such sound effects give an impression of the nature’s been so close , whispering to our ears ; to let us feel its presence.

After writting all these stuffs, I wish somebody get me a Jet and land me on Naini bridge ; wanna feel the breeze! :|
at 03:29 Labels: English
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Posted by kush
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1 comments:

रविकर said...

बेटा जी
आबुधाबी का तेल
या अंदमान
की सेल्लुलर जेल
दोनों बराबर |
तुम्हे ग्यारह की
उन्हें उम्र-भर ||
फिर भी अगर
हो रहा है इतना मन --
आ जा दनादन--
पर मिलेंगी केवल इमारतें और गलियां खाली |
सभी तो निकल लिए
मनाने अपनी-अपनी दिवाली ||
दिल को मना-- माने तो ठीक
नहीं तो नहीं है मना |
चल एक प्रोग्राम बना ||

रविकर ने कहा…

Blogger संतोष त्रिवेदी said...

नीरज भाई का नीर से विशेष लगाव है.हमें तो नीरज का पानी बढ़िया लगा.अगली बार जब आप जाएँ तो डिप -डिप वाली चाय पट्टी साथ ले जाएँ.बगलवाली से पानी पियें और गरमवाली से चाय !

Saturday, June 25, 2011 5:24:00 AM
Blogger अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

अजी छोड़ो ये पानी-वानी की बातें,आप दोनों (जाट देवता,जाट देवी) को शादी की वर्ष गांठ की हार्दिक शुभ कामनाएं.आप तो बस गर्म पानी वाली टोंटी से चाय ही बना लो.बारिश में क्या आइसक्रीम खाना.क्योंकि......
बारिश का मौसम और निराला हो जाये
साथ आपके चाय का एक प्याला हो जाये.

निगम परिवार

jabardast shubh-kaamnaayen,

रविकर ने कहा…

आपकी शादी की सालगिरह पर बहुत बहुत शुभ कामनाएँ संदीप जी.टोंटी के बहाने आपकी शादी की सालगिरह की जानकारी हुई.इसके लिए नीरज जी को भी बधाई.

Thursday, June 23, 2011 11:34:00 PM
Blogger ब्लॉ.ललित शर्मा said...

ओह्ह्हो! आज कतल की रात है, इसलिए आईसक्रीम का न्योता। चुल्हा न्युत हो तो हम भी आ जावें।

जाट देवता और जाटणी देवी नै शादी की सालगिरह मुबारक हो। ढेर सारी बधाई और मेरी तरफ़ से खाओ लाडू,पेड़े और मिठाई।

bahut khuub

रविकर ने कहा…

Blogger नीरज जाट said...

अरे यार, इस बात को सार्वजनिक करके सारा खेल बिगाड दिया। मैं इस टोंटी से कई को मजे दे चुका हूं। अब कोई भी आयेगा, सावधान होकर आयेगा। लगता है कि अब सही टोंटी को सही करने का वक्त आ गया है और टूटी हुई को गलत।

Friday, June 24, 2011 8:37:00 AM

der aayad durust aayad

lagata hai bahuton ko pila chuke ho pani.
mast tippani aur mast vyaktitv
maja aa gaya sadharan se lekh ki asadharan bhavabhivyakti
badhai

amrendra "amar" ने कहा…

शादी की सालगिरह की बधाई और शुभकामनाएं...

Kajal Kumar ने कहा…

टोटियों में लाल व नीले रंग के स्टिकर नहीं लगे हैं क्या !

Bhushan ने कहा…

टूँटियों का टंटा अच्छा रहा. पानी भी नहीं पिया और पीने का मज़ा भी आ गया.

Maheshwari kaneri ने कहा…

आपकी शादी की सालगिरह पर बहुत बहुत शुभ कामनाएँ संदीप जी...

रविकर ने कहा…

मेरे सुपुत्र का ब्लॉग |

ओये घुमक्कड़ ! घूमीं जरुर ||
http://kushkikritiyan.blogspot.com/

आशुतोष की कलम ने कहा…

नीरज भाई क्या तरीका निकला है जाट देवता को बिन पानी के भगाने का..
और पानी का खर्चा भी बचा..क्या पता पानी मिल जाता तो लगे हाथ मिष्ठान्न का भी अनुरोध कर बैठते जात देवता


क्या बात है सालगिरह की बधाई मेरी तरफ से भी
खुश (???) रहें

एम सिंह ने कहा…

नीरज को इतना निर्दयी भी मत कहो जाट देवता जी. गर्म ही सही पानी तो दे रहा है ना. यहां तो ऐसे लोग हैं जो डंसते भी हैं और पानी तक नहीं पूछते.

खैर, आपको और हमारी भाभी जी को सालगिरह की बधाई. आपका सफर चलता रहे, यही कामना करते हैं.

दुनाली पर देखें
बाप की अदालत में सचिन तेंदुलकर

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

दोस्त शादी की साल गिरह पर हार्दिक शुभ कामनाएं -टोंटी से बचकर रहना बहुत गर्म हो जाती होगी -आप ठन्डे वाले को याद रखना नहीं हम लोग तो बहुत दूर हैं कैसे बचाने आयेंगे आप को ..
नैन मिले चैन कहाँ दिल है वहीँ तू है वहां ..संदीप जी ये जोड़ी सदा आबाद रहे हरियाली खुशियाली चमन खिला रहे ..
शुक्ल भ्रमर ५

veerubhai ने कहा…

India is the hub of water born diseases .The reasons are obvious .The north and south divide in the same country .I find a prosperous America in India and a Subsahara at the same time .
Thanks for visiting us .I cant write in Hindi being away from my Laptop here at Pensillvania (PA,Fountain Ville ).

surendrshuklabhramar5 ने कहा…

संदीप जी ये सुन अच्छा लगा की आप ने पहले से ही सावधानी बरती है -और भी सावधान रहिएगा अपनी मंजिल पर -हैं तो बहुत अच्छी बात है -ह हा -अब तो बाघ भी आ गया है न ... बचना ......

abhi ने कहा…

हा हा हा याद रहेगी आपकी बात भाई :)

Udan Tashtari ने कहा…

शादी की सालगिरह पर बहुत बहुत शुभ कामनाएँ

-बाकी तो नीरज के यहाँ पानी पीकर ही जायेंगे. :)

abhishek kashyap trainman ने कहा…

badai ho jatdevta..
abhishek kashyap

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