शुक्रवार, 15 नवंबर 2013

Karei Villege करेरी गाँव के खूबसूरत पल व भूत बंगला

करेरी-कांगड़ा-धर्मशाला यात्रा के लिंक नीचे दिये है।

01- आओ करेरी झील धर्मशाला देखने चले।
02- धर्मशाला से करेरी गाँव की ट्रेकिंग भयंकर बारिश के बीच।
03- करेरी गाँव के शानदार नजारे, और भूत बंगला
04- धर्मशाला की ड़ल लेक।
05- धर्मशाला के चाय बागान के बीच यादगार घुमक्कड़ी।
06- कुनाल पत्थरी माता मन्दिर, शक्ति पीठ माता के 52 पीठ में से एक।
07- नगरकोट कांगड़ा का मजबूत दुर्ग / किला
08- मैक्लोड़गंज के भागसूनाग स्विमिंग पुल के ठन्ड़े पानी में स्नान  Back to Delhi


KARERI-KANGRA-DHARAMSHALA-03

करेरी गाँव की लड़कियाँ अपनी चिता में स्वाहा हो गयी। हम करेरी गाँव की ओर बढ़ने लगे। इस पुल से करेरी जाने के दो मार्ग है। पहला मार्ग पुरातन पैदल पगड़न्ड़ी वाला मार्ग ही है। जौंक के आतंक के कारण हम पगड़न्ड़ी वाले मार्ग पर जाने से बचना जा रहे थे। पगड़न्ड़ी वाला मार्ग आगे जाकर सड़क वाले मार्ग में मिल जाता है जहाँ एक दर्रे नुमा जगह से दोनों मार्ग फ़िर से अलग हो जाते है। सड़क वाला मार्ग लगभग दो किमी का है जबकि पगड़न्ड़ी वाला मार्ग आधा किमी के आसपास तो होगा ही। सड़क मार्ग पर जौंक मिलने की सम्भावना नहीं के बराबर थी लेकिन हम सड़क पर भी हर थोड़ी दूर में अपने पैरों को देख रहे थे कि कोई चाची चिपकी तो नहीं?



बुधवार, 13 नवंबर 2013

Dharamshala to Bridge धर्मशाला से करेरी मार्ग वाले पुल तक

करेरी-कांगड़ा-धर्मशाला यात्रा के लिंक नीचे दिये है।

01- आओ करेरी झील धर्मशाला देखने चले।
02- धर्मशाला से करेरी गाँव की ट्रेकिंग भयंकर बारिश के बीच।
03- करेरी गाँव के शानदार नजारे, और भूत बंगला
04- धर्मशाला की ड़ल लेक।
05- धर्मशाला के चाय बागान के बीच यादगार घुमक्कड़ी।
06- कुनाल पत्थरी माता मन्दिर, शक्ति पीठ माता के 52 पीठ में से एक।
07- नगरकोट कांगड़ा का मजबूत दुर्ग / किला
08- मैक्लोड़गंज के भागसूनाग स्विमिंग पुल के ठन्ड़े पानी में स्नान  Back to Delhi


KARERI-KANGRA-DHARAMSHALA-02

करेरी गाँव धर्मशाला शहर से लगभग 20-25 किमी दूर है। करेरी गाँव सड़क से जुड़ चुका है। लेकिन वाहन मिलने की सभावना नहीं के बराबर होती है। यदि धर्मशाला से करेरी तक की दूरी वाहन से तय की जाये तो यही दूरी बढकर 40 किमी तक पहुँच सकती है। बस से धर्मशाला उतरने के बाद राकेश बोला, जाट भाई हम चार लोग है जहाँ तक पक्की सड़क है वहाँ तक कार कर लेते है। ना भाई कार वाला ज्यादा पैसे माँगेगा। एक बार पता कर लेते है। मैंने कहा "तुम्हे कार में जाने की ज्यादा इच्छा है तुम्ही कार का किराया पता कर आओ।" राकेश और मनु टैक्सी वालों के पास बात करने चले गये। मनु का दोस्त और मैं वही लेंटर के नीचे खड़े रहे। कार वाले ने उस जगह तक पहुँचाने के 1500 रु माँग लिये, जहाँ तक गाड़ी जा सकती थी। यह दूरी यदि किसी ऑटो या बस से तय की जाये तो मुश्किल से 200 रु भी नहीं लगने वाले। मैंने कहा, यहाँ से शेयरिंग आधार पर चलने वाली सूमो या अन्य छोटी गाडियाँ उस ओर जरुर चलती होगी, जहाँ से ट्रेकिंग शुरु होती है। चलो उसका पता करते है।



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