NAUKUCHIATAL लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
NAUKUCHIATAL लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

Let's go to Kumaun Region आओ उत्तराखण्ड के कुमायू क्षेत्र में घूमने चले।

KUMAUN CAR YATRA-01                                                       SANDEEP PANWAR
सन 2014 अप्रैल माह के शुरुआत की ही बात है। इस माह राजेश जी कई बार फ़ोन कर कह चुके थे कि संदीप जी चलो, कही भी चलो। मेरा मन हिमालय में कही चलने का हो रहा था। जबकि राजेश जी हरिदवार जाने की कह रहे थे। हरिदवार तो मैंने बीसियों बार देखा है। इसलिये वहाँ जाने का मन नहीं था। अजय भाई भी कई बार कह चुके थे कि संदीप भाई जी आपके साथ किसी यात्रा पर जरुर जाना है? दिनांक 8 को गुड फ़्राडे का अवकाश था। उसके अगले दिन शनिवार था। पहले अपनी भी शनिवार को छुट्टी रहा करती थी। लेकिन अब मात्र 6 घन्टे की नौकरी होने से केवल रविवार का ही अवकाश होता है। गुड फ़्राडे से पहले वाले सोमवार को चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से अम्बेडकर जयंती का अवकाश घोषित हो गया। अजय का फ़ोन आया भाई जी चलो कही भी चलो। मेरी तीन दिन की, व आपकी दो दिन की छुट्टी है।




शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

NAUKUCHIATAL LAKE नौकुचियाताल झील


भीमताल देखने के लिये यहाँ चटका लगाये।
भीमताल देखने के बाद अब "नौकुचियाताल" की ओर चलते है, भीमताल के मुख्य बिन्दु के ठीक सामने से ही एक मार्ग भीमताल के विपरीत दिशा यानि कि पूर्व की ओर जाता हुआ दिखाई देता है यहाँ एक बोर्ड भी लगा हुआ है जिस पर नौकुचियाताल की दिशा में तीर बना कर जाने के बारे में लिखा हुआ भी है। यहाँ से यह ताल 5 किमी के आसपास है। भीमताल से चलते ही लगभग 100 मी की ठीक-ठाक चढाई आ जाती है। इसके बाद आगे का मार्ग साधारण सा ही है जिस पर वाहनों की रेलमपेल भी कोई खास नहीं थी। मार्ग के एक तरफ़ यानि उल्टे हाथ की ओर पहाड थे जबकि सीधे हाथ की ओर ढलान थी। मार्ग में जगह-जगह नये भवनों का निर्माण कार्य चल रहा था एक जगह तो बोर्ड भी मजेदार लगा हुआ था कि यह आम रास्ता नहीं है। बीच में एक जगह जाकर मार्ग में काफ़ी ढलान थी जिस पर वापसी में चढने में काफ़ी जोर भी लगाना पडता है। मार्ग के दोनों ओर अच्छी हरियाली थी जिसे देखता हुआ मैं अपनी मस्ती भरी चाल से आगे बढता जा रहा था। ताल से कोई दो किमी पहले एक बोर्ड नजर आया था जिस पर ताल की खूबियाँ आदि लिखी हुई थी मैं समझा कि ताल नजदीक ही है लेकिन काफ़ी दूर चलने पर भी ताल तो दिखाई नहीं दी बल्कि हनुमान जी की एक विशाल  मूर्ति दिखाई दी।
यह बोर्ड आम लोगों के लिये चेतावनी है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...